काबुल में धमाकों के बाद भी हमारी प्राथमिकता भारतीयों को वहां से निकालना है- विदेश मंत्रालय
नई दिल्ली, अगस्त 27। अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में गुरुवार को हुए दो धमाकों के बाद भारतीय विदेश मंत्रालय ने ये साफ कर दिया है कि इन हालात के बीच भी हम अपने लोगों को वहां से निकालने की कोशिश को जारी रखेंगे। शुक्रवार को विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि अभी भी हमारी प्राथमिकता अफगानिस्तान से भारतीयों और अफगान नागरिकों को वहां से निकालना है।

550 से अधिक लोगों को निकाला जा चुका है काबुल से
बागची ने बताया कि भारत ने काबुल या दुशांबे के रास्त 6 अलग-अलग फ्लाइटों के जरिए अभी तक 550 से अधिक लोगों को काबुल से निकाल लिया है। बागची ने कहा, "इनमें से 260 से अधिक भारतीय थे। भारत सरकार ने अन्य एजेंसियों के माध्यम से भारतीय नागरिकों को निकालने में भी मदद की। हम अमेरिका, ताजिकिस्तान जैसे विभिन्न देशों के संपर्क में थे।"
आंकड़ों पर विदेश मंत्रालय ने नहीं दी कोई जानकारी
इस दौरान जब विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता से पूछा गया कि अफगानिस्तान में फंसे हुए भारतीयों की संख्या अभी कितनी है तो उन्होंने कहा कि अभी सही आंकड़ा तो नहीं बताया जा सकता, क्योंकि ये हर वक्त बदल रहा है। उन्होंने कहा कि जो हमसे संपर्क कर रहा है, हम उन्हें निकालने की कोशिश कर रहे हैं और वो आंकड़ा अभी अलग-अलग है। बागची ने इस दौरान कहा कि काबुल में जो भारतीय देश छोड़ना चाहते थे, हमने उन्हें निकाल लिया है, अभी कुछ और लोग हैं, जिन्हें निकाला जाना है, इसकी जानकारी हम आगे दे देंगे।
दुनिया के कई देश निकाल रहे हैं अपने लोगों को
आपको बता दें कि अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्जे के बाद भारत सरकार वहां से हिंदू और सिखों को निकालने के प्रयास में है। पिछले कुछ दिनों के अंदर भारत सरकार ने कई भारतीयों और अफगान सिखों को काबुल से निकाला है। सिर्फ भारतीय ही नहीं बल्कि दुनिया के कई देश काबुल से अपने नागरिकों को निकालने की कोशिश में लगे हैं। अधिकतर देशों को तालिबान ने अपने नागरिकों को निकालने की डेडलाइन 31 अगस्त दी है।












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