राष्ट्रपति के अभिभाषण के दौरान पीएम मोदी ने शायराना अंदाज में कही अपनी बात
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राष्ट्रपति के अभिभाषण पर सदन में हुई चर्चा पर जवाब दे रहे हैं। विपक्ष के सवालों का जवाब देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कई विषयों पर अपनी बात रखी। विपक्ष के सवालों का पीएम मोदी ने शायराना अंदाज में जवाब दिया। पीएम मोदी का विपक्ष पर तंज, कहा गया कि हमारी ऊंचाई को छू नहीं सकता है। हम किसी की लकीर छोटी करने में समय बर्बाद नहीं करते हैं, जबकि अपनी लकीर बड़ी करने में जिंदगी खपा देते हैं। आप इतनी ऊंचाई पर चले गए हैं कि आपको जमीन दिखाई नहीं देती है, आप जड़ से उखड़ चुके हैं। आपका और भी ऊंचा होना मेरे लिए संतोष और आनंद की बात है।

शायराना अंदाज में पीएम मोदी ने कहा कि, मुझे कभी लगता है कि अगर 125 करोड़ देशवासियों के सपनों को अगर मुझे जीना है, तो मुझे छोटा सोचने का हक़ भी नहीं है, और इसलिए जब 'हौंसला बना लिया ऊंची उड़ान का, तो देखना फिजूल है कद आसमान का'। पीएम मोदी ने कहा कि, मैं चुनौती देता हूं कि 2004 से 2014 तक शासन में बैठे हुए लोगों ने कभी अटल जी की सरकार की तारीफ की हो। उनकी छोड़ों नरसिम्हा राव जी की सरकार की तारीफ की हो।
मनमोहन सिंह को भारत रत्न तक नहीं मिला
मोदी ने विपक्ष से सवाल करते हुए कहा कि, इस सदन में बैठे हुए इन लोगों ने तो एक बार भी मनमोहन सिंह जी की सरकार का जिक्र तक नहीं किया, अगर किया हो तो बताएं। पहले न पूर्व पीएम नरसिंहा राव को भारत रत्न मिला, ना ही मनमोहन सिंह को पहले कार्यकाल के बाद भारत रत्न नहीं मिला। परिवार से बाहर किसी को कुछ नहीं मिलता। वो हम थे जिन्होंने प्रणब दा को भारत रत्न दिया, हमने यह नहीं देखा कि किस पार्टी से आते थे।
आपातकाल को लेकर कांग्रेस पर निशाना
आपातकाल को लेकर पीएम मोदी का कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि, 25 जून को ही देश की मीडिया को दबोच दिया गया था, देशभर में महापुरुषों को जेल के अंदर डाल दिया गया था। भारत में लोकतंत्र संविधान के पन्नों से पैदा नहीं हुआ है, भारत में लोकतंत्र सदियों से हमारी आत्मा है। किसी की सत्ता चली न जाए सिर्फ इसके लिए, उस आत्मा को कुचल दिया था। आज 25 जून को हम लोकतंत्र के लिए प्रति हमारे समर्पण, संकल्प को और ताकत के साथ समर्पित करना होगा। जो-जो भी इस पाप के भागीदार थे, ये दाग कभी मिटने वाला नहीं है। इस दाग को बार-बार इसलिए स्मरण करने की जरूरत है ताकि फिर कोई ऐसा पाप न कर सके।
बाबा साहब अंबेडकर की तारीफ की
बाबा साहब अंबेडकर की तारीफ करते हुए मोदी ने कहा कि, हिंदुस्तान में पानी के संबंध में जितने भी पहल की गईं, वो सारे काम बाबा साहब अंबेडकर ने किए थे। लेकिन जैसा मैंने पहले कहा शायद एक ऊंचाई पर जाने के बाद लोगों को दिखता नहीं है। सरदार सरोवर बांध सरदार पटेल का सपना था। लेकिन इस डैम पर काम में देरी होती रही। गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में, मुझे इस परियोजना के लिए उपवास तक करना पड़ा था। NDA के सत्ता में आने के बाद इसके काम की गति में वृद्धि हुई और आज इससे लोगों को लाभ हो रहा है।
इस बार जल शक्ति मंत्रालय बनाया
उन्होंने जल संकट पर बोलते हुए कहा कि, पानी की तकलीफ राजस्थान और गुजरात के लोग ज्यादा जानते हैं और इसी वजह से हमने जल शक्ति मंत्रालय बनाया है। जल संचय पर हमें बल देना पड़ेगा न हीं तो जल संकट बढ़ता चला जाएगा। हमने इस बार जल शक्ति मंत्रालय बनाया है। जल संकट को हमने गंभीरता से लेना होगा। जल संचय पर हमने पूरा ध्यान देना होगा। पानी बचाना है, ये काम करके हम सामान्य मानवी की जिंदगी को बचा सकते हैं। पानी का संकट दूर करके हम गरीबों और माताओं को बड़ी सहुलियत दे सकते हैं।
जय जवान, जय किसान, जय विज्ञान के बाद अब जय अनुसंधान
पीएम मोदी ने कहा कि, कृषि हमारी देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है, ग्रामीण भारत की रीढ़ है। हमें खेती में पुराने तरीकों से बाहर आना पड़ेगा। 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लिए सबको आगे आना चाहिए, इससे सबका फायदा होगा। जय जवान, जय किसान, जय विज्ञान के बाद अब जय अनुसंधान पर बल देने की जरूरत है। आने वाले दिनों में देश को आधुनिक इन्फ्रास्ट्रक्चर की ओर ले जाना है। 100 लाख करोड़ रुपये की इसके लिए जरूरत होगी। दुनियाभर से इसके लिए जो व्यवस्था हो सकेगी, वह करेंगे।
मेक इन इंडिया को आगे बढ़ाना हमारी जिम्मेदारी
मेक इन इंडिया का मजाक उड़कार कुछ लोगों को भले ही रात को अच्छी नींद आ जाए लेकिन इससे देश का भला तो नहीं हो पाएगा। मेक इन इंडिया को आगे बढ़ाना हमारी जिम्मेदारी है। हमारा सपना नया भारत बनाना है जिसके लिए मेक इन इंडिया जरूरी है। ईज ऑफ लिविंग यानि सामान्य मानवी की जिंदगी में सुगमता, हरेक के लिए समान अवसर को लेकर आगे बढ़ना चाहते हैं।
भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई जारी
पीएम मोदी का गांधी परिवार पर तंज, 'कुछ लोग हमें जेल नहीं भेजने के लिए ताना मारते हैं। यह लोकतंत्र है, इमरजेंसी नहीं है। जेल भेजना न्यायपालिका का काम है। हम कानून से चलने वाले लोग हैं और किसी को जमानत मिलती है तो वो इंजॉय करे। हम बदले की भावना से काम नहीं करेंगे। भ्रष्टाचार के खिलाफ हमारी लड़ाई जारी रहेगी।












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