Osman Hadi Case: 2 माह 23 दिन बाद बंगाल STF ने 2 आरोपियों को दबोचा, उस्मान की हत्या से झुलसा था बांग्लादेश!
Osman Hadi Murder Case Update: बांग्लादेश के प्रमुख राजनीतिक कार्यकर्ता और छात्र नेता शरीफ उस्मान बिन हादी (Osman Hadi) की हत्या के मुख्य आरोपी सहित दो बांग्लादेशी नागरिकों को पश्चिम बंगाल पुलिस के विशेष कार्य बल (STF) ने गिरफ्तार कर लिया है। यह गिरफ्तारी हत्या के ठीक 2 महीने 23 दिन बाद हुई है। दोनों आरोपी ढाका में गोलीबारी के बाद भारत में अवैध रूप से घुसे थे और भारत-बांग्लादेश सीमा के पास छिपे हुए थे।

Osman Hadi Murder Case Timeline: घटना का क्रम क्या था?
- 12 दिसंबर 2025: ढाका के पलटन इलाके में नकाबपोश बंदूकधारियों ने उस्मान हादी पर गोली चलाई। गोली सिर में लगी, उन्हें गंभीर हालत में सिंगापुर ले जाया गया।
- 18 दिसंबर 2025: सिंगापुर के अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
हत्या के बाद मुख्य आरोपी और सहयोगी बांग्लादेश से फरार हो गए। वे मेघालय सीमा के रास्ते अवैध रूप से भारत में दाखिल हुए और पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के बोंगांव (Bongaon) सीमावर्ती क्षेत्र में शरण ली। वे मौका मिलते ही बांग्लादेश वापस लौटने की फिराक में थे।
Osman Hadi Murder Case Accused Arrested: गिरफ्तारी कैसे हुई?
पश्चिम बंगाल STF को विश्वसनीय खुफिया जानकारी मिली कि हत्या और जबरन वसूली जैसे गंभीर अपराधों के बाद दो बांग्लादेशी नागरिक भारत में छिपे हैं।
- 7-8 मार्च 2026 की दरमियानी रात को STF ने बोंगांव क्षेत्र में छापेमारी की।
- दोनों को रोककर हिरासत में लिया गया।
गिरफ्तार:
- फैसल करीम मसूद उर्फ राहुल (37 वर्ष, पटुआखली, बांग्लादेश) - मुख्य आरोपी।
- आलमगीर हुसैन (34 वर्ष, ढाका, बांग्लादेश) - सहयोगी।
- प्रारंभिक पूछताछ में दोनों ने उस्मान हादी की हत्या में शामिल होने की बात कबूली। पुलिस ने अवैध घुसपैठ और हत्या में संलिप्तता के लिए मामला दर्ज किया। दोनों को कोर्ट में पेश कर पुलिस हिरासत में भेज दिया गया।
Who Was Osman Hadi: उस्मान हादी कौन थे?
32 वर्षीय शरीफ उस्मान बिन हादी बांग्लादेश के 2024 के छात्र आंदोलन (जिसने शेख हसीना सरकार को गिराया) के प्रमुख चेहरे थे। वे इंकलाब मंच (Inqilab Mancha) के संयोजक और प्रवक्ता थे। भारत और अवामी लीग (शेख हसीना की पार्टी) के कट्टर आलोचक थे। 2026 फरवरी में होने वाले आम चुनाव में ढाका-8 सीट से स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में लड़ने वाले थे। उनकी हत्या के बाद बांग्लादेश में बड़े पैमाने पर हिंसा भड़की। सांप्रदायिक तनाव बढ़ा।
बांग्लादेश पुलिस का पहले का दावा
ढाका पुलिस ने हत्या के तुरंत बाद आरोप लगाया था कि शूटर भारत में भाग गए। उन्होंने हलुआघाट सीमा से भारत में दाखिल होने, मेघालय के तुरा पहुंचने और भारतीय सहयोगियों की मदद का जिक्र किया था। अब STF की गिरफ्तारी से यह दावा सही साबित हुआ। बांग्लादेश पुलिस ने 17 आरोपियों का चार्जशीट दाखिल किया था, जिसमें फैसल को मुख्य आरोपी बताया गया था।
विवाद की राजनीतिक कहानी क्या?
उस्मान हादी की हत्या को राजनीतिक बदला माना जा रहा है। बांग्लादेश पुलिस का कहना है कि यह अवामी लीग (जो अब प्रतिबंधित है) से जुड़े लोगों ने करवाया। हत्या के बाद बांग्लादेश में अशांति बढ़ी, क्योंकि हादी छात्र आंदोलन के हीरो थे। उनकी मौत ने भारत विरोधी भावनाओं को भी भड़काया था।
यह गिरफ्तारी भारत-बांग्लादेश सीमा पर अवैध घुसपैठ और क्रॉस-बॉर्डर अपराधों के खिलाफ बड़ी सफलता है। दोनों देशों के बीच अब प्रत्यर्पण या आगे की जांच पर बात हो सकती है। पुलिस जांच जारी है। साजिश के पीछे कौन था, यह जल्द सामने आएगा।












Click it and Unblock the Notifications