सीमा विवाद पर विपक्ष ने दिया सरकार को सहयोग का भरोसा
नई दिल्ली। भारत की सीमा पर इन दिनों तनाव जारी है। जम्मू-कश्मीर सीमा पर पाकिस्तान तो वहां सिक्किम के डोकलाम में चीन की दखल बढ़ती जा रही है, जिसे लेकर सीमा पर इन दोनों देशों के साथ भारत का सीमा विवाद बढ़ गया है। सीमा पर जारी इस तनाव को देखते हुए विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने सर्वदलीय बैठक बुलाई। गृह मंत्री राजनाथ सिंह के घर पर ये बैठक हुई, जिसमें तमाम दलों के नेता मौजूद रहे।बैठक में विपक्षी दलों के नेता भी शामिल हुए।

इस बैठक में राजनाथ सिंह और सुषमा स्वराज ने विपक्षी दलों के नेताओं को चीन से गतिरोध के साथ-साथ कश्मीर के हालात की जानकारी दी। बैठक में अमरनाथ यात्रियों पर हुए आतंकी हमले को लेकर चर्चा की गई। में सभी दलों ने सरकार को अपनी सहमति दी है। केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान ने बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए कहा कि विदेश मंत्री और विदेश सचिव ने सीमा मामले की पूरी जानकारी दी। सभी ने सरकार का समर्थन करने का वादा किया है। वहीं कांग्रेस के आनंद शर्मा ने भी सहमति का भरोसा जताया।
मीडिया से बात करते हुए कांग्रेस नेता आनंद शर्मा ने कहा कि कांग्रेस की प्राथमिकता देश की सुरक्षा है। सीताराम येचुरी ने कहा सरकार ने जानकारी दी कि वे बातचीत के जरिए हालात से निपटेंगे। वहीं टीएमसी नेता डेरेक ओ ब्रायन थोड़े नाखुश दिखे और कहा कि हमने कुछ गंभीर सवाल पूछे कि सरकार तैयार क्यों नहीं थी? हमें जवाब नहीं मिला। बैठक में अमरनाथ यात्रियों पर हुए आतंकी हमले के बारे में भी चर्चा की गई।
बैठक खत्म होने के बाद विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गोपाल बागले ने मीडिया को जानकारी दी और कहा कि वरिष्ठ मंत्रियों ने सभी राष्ट्रीय दलों को डोकलाम की स्थिति से परिचित कराया। उन्होंने बताया कि सभी प्रतिभागियों ने भारत के प्रयास का पूरा समर्थन किया और राष्ट्रीय एकता पर बल दिया। बागले ने जानकारी दी कि बैठक में
भारत और चीन के कूटनीतिक संबंधों के बने रहने की जरूरत को बताया गया।












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