केरल में जस्टिस हेमा आयोग की रिपोर्ट पर सियासत, विपक्ष का तीखा हमला, संस्कृति मंत्री के इस्तीफे की मांग
केरल में जस्टिस हेमा आयोग की रिपोर्ट को लेकर मलयालम फिल्म उद्योग पर सवाल खड़े हो रहे हैं। इस बीच विपक्ष लगातार पिनाराई विजयन सरकार पर हमलावर है। विधानसभा में विपक्ष के नेता वी. डी. सतीशन ने शनिवार को राज्य के संस्कृति मंत्री साजी चेरीयन पर जस्टिस हेमा कमेटी की रिपोर्ट में फंसे लोगों का पक्ष लेने का आरोप लगाया और उनके (संस्कृति मंत्री) के इस्तीफे की मांग की।
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष वी. डी. सतीशन ने शनिवार को जस्टिस हेमा आयोग की रिपोर्ट को लेकर सत्ता पक्ष को निशाने पर लिया। उन्होंने सदन में कहा, "मंत्री पीड़ितों के साथ खड़े होने से इनकार कर रहे हैं और वास्तव में अपराधियों के साथ खड़े हैं। चेरीयन को अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए, यह कहते हुए कि वह मंत्री पद पर बने रहने के लायक नहीं हैं।"

बता दें कि हाल ही में जारी हुई हेमा कमेटी की रिपोर्ट में मलयालम सिनेमा उद्योग में महिलाओं के उत्पीड़न और शोषण के उदाहरण सामने आए हैं। इस खुलासे के बाद जिम्मेदार लोगों के खिलाफ जवाबदेही और कार्रवाई की मांग उठ रही है। सतीशन ने आरोप लगाया कि चेरीयन ने चार साल तक रिपोर्ट को दबाकर रखा और दावा किया कि औपचारिक शिकायत दर्ज होने पर ही मामला दर्ज किया जा सकता है।
विपक्षी दल ने हेमा कमेटी की रिपोर्ट में बताए गए आरोपों की जांच के लिए एक महिला आईपीएस अधिकारी की मांग की है। सतीशन ने जोर देकर कहा कि इस तरह की अत्याचारों के बारे में जानने के बाद मामला दर्ज नहीं करने पर आपराधिक अपराध होता है। उन्होंने बताया कि सरकार के पास रिपोर्ट में शामिल पीड़ितों के सभी बयान हैं।
सतीशन ने तर्क दिया कि पीड़ितों के नामों का खुलासा किए बिना जांच की जा सकती है। हालांकि, उन्होंने सरकार के रुख की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि वह इस मामले से जुड़ा एक भी मामला दर्ज करने से इनकार कर रही है और अपराधियों के साथ खड़ी है।












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