1 जनवरी से लागू होगी 'One Nation One Subscription Scheme', 1.8 करोड़ छात्रों को मिलेगा लाभ, जानिए पूरी डिटेल
ONOS Scheme: केंद्र सरकार ने शोधकर्ताओं के लिए एक बड़ी योजना पेश की है, जिसके तहत उन्हें रिसर्च पेपर के लिए भटकने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। 'वन नेशन, वन सब्सक्रिप्शन' (ONOS) योजना के तहत, 1.8 करोड़ छात्र, जो राज्य द्वारा वित्तपोषित उच्च शिक्षा संस्थानों, विश्वविद्यालयों और राष्ट्रीय/अंतरराष्ट्रीय संस्थानों से जुड़े हैं, 1 जनवरी से दुनिया भर के प्रमुख जर्नल्स में प्रकाशित शोध पत्रों तक पहुंच प्राप्त कर सकेंगे।
एक ही स्थान पर मिलेंगे शोध पत्र
यह योजना केंद्र सरकार की एक केंद्रीय क्षेत्र योजना के रूप में 6000 करोड़ रुपये की लागत से तीन वर्षों के लिए शुरू की गई है। इस योजना के लागू होने से शोधार्थियों को ई-जर्नल्स एक ही स्थान पर मिल जाएंगे। इसके माध्यम से केंद्र और राज्य सरकार द्वारा संचालित उच्च शिक्षा संस्थानों के छात्र, शिक्षक और शोधकर्ता 13,000 से अधिक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के ई-जर्नल्स तक पहुंच सकते हैं।

30 प्रमुख अंतरराष्ट्रीय प्रकाशक शामिल
'वन नेशन, वन सब्सक्रिप्शन' योजना में 30 प्रमुख अंतरराष्ट्रीय प्रकाशक शामिल हैं। इन प्रकाशकों द्वारा प्रकाशित करीब 13,000 ई-जर्नल्स 6,300 से अधिक सरकारी उच्च शिक्षा संस्थानों और केंद्र सरकार के अनुसंधान संस्थानों तक पहुंच सकेंगे। इनमें कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी प्रेस, ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी प्रेस, इंडियनजर्नल्स.कॉम, बीएमजे जर्नल्स, स्प्रिंगर नेचर, अमेरिकन सोसाइटी फॉर माइक्रोबायोलॉजी, टेलर एंड फ्रांसिस और सेज पब्लिशिंग जैसे प्रतिष्ठित प्रकाशक शामिल हैं।
प्रारंभिक चरण में 13400 जर्नल्स तक पहुंच
सरकार के मुख्य वैज्ञानिक सलाहकार ए.के. सूद ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि इस योजना के पहले चरण में 13,400 से अधिक अंतरराष्ट्रीय जर्नल्स, जिनमें विज्ञान, प्रौद्योगिकी, चिकित्सा, गणित, सामाजिक विज्ञान और मानविकी आदि विषय शामिल हैं, शोधकर्ताओं के लिए उपलब्ध होंगे। उन्होंने बताया कि कुल 6,380 उच्च शिक्षा और अनुसंधान संस्थान इस योजना का लाभ उठाएंगे, जिनमें 451 राज्य सार्वजनिक विश्वविद्यालय, 4,864 कॉलेज और 172 राष्ट्रीय महत्व के संस्थान शामिल हैं।
सम्पूर्ण शोध समुदाय को मिलेगा लाभ
विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव अभय कराडिकर ने कहा कि पहले कुछ संस्थान विशिष्ट विषयों से संबंधित जर्नल्स की सदस्यता लेते थे, लेकिन अब ONOS योजना के तहत सभी संस्थानों को 13,400 शोध पत्रों तक पहुंच मिलेगी।
भविष्य में विस्तार की योजना
यह योजना 1 जनवरी से शुरू होगी और अगले तीन वर्षों तक शीर्ष जर्नल्स तक पहुंच प्रदान की जाएगी। दूसरे चरण में, सरकार इसे निजी शैक्षिक संस्थानों तक सार्वजनिक-निजी साझेदारी मॉडल के तहत विस्तारित करने की योजना बना रही है। तीसरे चरण में, सार्वजनिक पुस्तकालयों के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय जर्नल्स तक सार्वभौमिक पहुंच दी जाएगी।ONOS योजना को सूचना और पुस्तकालय नेटवर्क (INFLIBNET) द्वारा समन्वित किया जाएगा, जो विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) का एक स्वायत्त केंद्र है।
देश में शोध को मिलेगा बढ़ावा
ए.के. सूद ने कहा, "यह योजना छात्रों, फैकल्टी, शोधकर्ताओं और वैज्ञानिकों को शैक्षिक जर्नल्स तक विस्तृत पहुंच प्रदान करेगी, जिनमें टियर 2 और टियर 3 शहरों के लोग भी शामिल होंगे, और इससे देश में मूल और अंतरविभागीय शोध को बढ़ावा मिलेगा।"
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