CUET-UG परीक्षा में बड़ा फेरबदल, यूजीसी अध्यक्ष ने दी जानकारी, 7 पॉइंट्स में समझिए सारी बातें
University Grants Commission: यूजीसी (यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन) के अध्यक्ष जगदीश कुमार ने आज सीयूईटी-यूजी 2025 में लागू किए गए कई महत्वपूर्ण बदलावों की जानकारी दी। यह बदलाव परीक्षा को और अधिक पारदर्शी बनाने और छात्रों के लिए समान अवसर सुनिश्चित करने के उद्देश्य से किए गए हैं। आइए जानते हैं सीयूईटी यूजी 2025 में क्या बदलाव किए गए हैं।
यूजीसी अध्यक्ष ममिदाला जगदीश कुमार ने कहा, "सीयूईटी पिछले साल की तरह 13 भाषाओं में रहेगा। लेकिन भाषाओं के लिए अलग से परीक्षा केवल इन 13 भाषाओं में ही आयोजित की जाएगी। हम पिछले साल के 20 भाषा विषयों को समाप्त कर रहे हैं, लेकिन एक कार्यक्रम में, सामान्य परीक्षण के अंक के आधार पर प्रवेश लिया जा सकता है।

कुल विषयों की संख्या इस साल 63 से घटाकर 37 की जा रही है, क्योंकि हम 20 भाषा विषयों को घटा रहे हैं। पिछले साल 29 डोमेन-विशिष्ट विषय थे और इसे इस साल 23 कर दिया गया है। पिछले साल कुछ विषयों की परीक्षा का समय 60 मिनट था और कुछ का 45 मिनट था। लेकिन इस साल सभी विषयों के लिए 60 मिनट का समय दिया जाएगा। पिछले साल 50 प्रश्न थे, जिनमें से छात्रों को 40 चुनने का विकल्प था, लेकिन इस साल सभी 50 प्रश्न अनिवार्य होंगे।
(1) परीक्षा का केवल कंप्यूटर आधारित (सीबीटी) मोड
सीयूईटी यूजी 2025 से परीक्षा केवल कंप्यूटर आधारित टेस्ट (सीबीटी) मोड में आयोजित की जाएगी। इससे पहले कुछ हिस्से ऑफलाइन मोड में होते थे, लेकिन अब पूरी परीक्षा ऑनलाइन होगी, जिससे सभी छात्रों को समान डिजिटल प्लेटफॉर्म पर परीक्षा देने का अवसर मिलेगा।
(2)अधिकतम पांच विषयों की परीक्षा
सीयूईटी यूजी 2025 से छात्र एक साथ पांच विषयों की परीक्षा दे सकेंगे। पहले यह संख्या तीन थी, लेकिन अब छात्रों को अधिकतम पांच विषयों के लिए परीक्षा देने का विकल्प मिलेगा, जिससे उन्हें अपनी पसंद और आवश्यकताओं के अनुसार अधिक अवसर मिलेंगे।
(3)परीक्षा की अवधि में बदलाव
सभी विषयों के लिए परीक्षा की अवधि 60 मिनट यानी एक घंटे होगी। पहले विभिन्न विषयों के लिए अलग-अलग समय निर्धारित था, लेकिन अब यह समान समय सभी विषयों के लिए तय किया गया है, ताकि सभी छात्रों को समान अवसर मिले।
(4)वैकल्पिक प्रश्नों का समापन
सीयूईटी यूजी 2025 से वैकल्पिक प्रश्नों को समाप्त कर दिया जाएगा। पहले कुछ विषयों में वैकल्पिक प्रश्न होते थे, लेकिन अब सभी 50 प्रश्न अनिवार्य होंगे, जिससे परीक्षा की पारदर्शिता बढ़ेगी और छात्रों को पूरी परीक्षा में समान अवसर मिलेगा।
(5)विषयों की संख्या में कमी
पिछले साल सीयूईटी यूजी में 63 विषय थे, जबकि इस साल यह घटकर 37 विषय होंगे। 20 भाषा विषयों को हटाया गया है, और केवल 13 भाषाओं में ही अलग से परीक्षा आयोजित की जाएगी। इसके साथ ही, डोमेन-विशिष्ट विषयों की संख्या भी 29 से घटाकर 23 कर दी गई है।
(6)परीक्षा की संरचना में बदलाव
पिछले साल कुछ विषयों में 60 मिनट और कुछ में 45 मिनट का समय था, लेकिन इस साल सभी विषयों के लिए 60 मिनट का समय होगा। पहले 50 प्रश्नों में से छात्रों को 40 चुनने का विकल्प था, लेकिन इस बार सभी 50 प्रश्न अनिवार्य होंगे।
(7)विशेषज्ञ समिति की समीक्षा
यूजीसी ने इन बदलावों को लागू करने से पहले एक विशेषज्ञ समिति का गठन किया था, जिसने छात्रों के हित में इन बदलावों को सुझाया। अब यूजीसी जल्द ही सीयूईटी-यूजी और सीयूईटी-पीजी 2025 के संशोधित दिशा-निर्देशों का मसौदा जारी करेगा, जिसमें छात्रों, अभिभावकों, शिक्षकों और संस्थानों से फीडबैक लिया जाएगा।












Click it and Unblock the Notifications