जेएनयू में होगा 'रामायण के जरिए नेतृत्व' विषय पर ऑनलाइन सेमिनार, कुलपति को देना पड़ रहा बार-बार जवाब
जेएनयू में होगा 'रामायण के जरिए नेतृत्व' विषय पर ऑनलाइन सेमिनार, कुलपति को देना पड़ रहा बार-बार जवाब Online seminar on 'Leadership through Ramayana' held at JNU, Vice Chancellor has to give repeated answers
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दिल्ली। कोरोनावायरस के देश में छाए प्रकोप के बीच दिल्ली जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) रामायण के जरिए लीडरशिप विषय पर ऑनलाइन सेमिनार करने जा रहा हैं। लॉकडाउन के दौरान ये सेमिनार आगामी 2 और 4 मई को ऑनलाइन आयोजित किया जाएगा। जेएनयू के वाइस चांसलर एम जगदीश कुमार ने इसकी जानकारी अपने ट्विटर एकाउंट से दी। जिसके बाद कुछ लोग इस बात का विरोध कर रहे हैं तो बहुत से यूजर जेएनयू की इस पहल की जमकर सराहना कर रहे हैं। यहीं कारण है कि कुलपति को इसके बाद अपने ट्विटर एकाडंट पर बार-बार जवाब देना पड़ रहा हैं। id="toptextpromo"> id='are-slot-1' class='oiad oi-axt oiadv'>
महात्मा गांधी ने रामभगवान के बारे में बोली थी ये बात
वीसी ने बताया कि 'रामायण के जरिए नेतृत्व' पाठ विषय पर ऑनलाइन सेमिनार दो घंटे की होगा इसमें रामायण के जरिए नेतृत्व पाठ विषय पर व्याख्यान होगा। यह वेमिनार दोनों ही तारीखों को शाम 4 बजे से लेकर 6 बजे तक होगा। इस सेमिनार का आयोजन प्रोफेसर संतोष कुमार शुक्ला और प्रोफेसर मजहर आसिफ की तरफ से किया जा रहा है। यूनीवर्सिटी के वीसी एम. जगदीश कुमार ने ये भी लिखा कि महात्मा गांधी ने 1946 में कहा था कि भगवान राम अपने आप में गुरु और स्वामी हैं। महात्मा गांधी ने भगवान राम के बारे में कहा था कि राम से बड़ा कोई नहीं है और वह निराकार, निरंतर और बेदाग हैं। मेरा राम ऐसा है।आगे लिखा कि जेएनयू 'रामायण से नेतृत्व के सबक' सेमिनार का आयोजन कर रहा है। ये सेमिनार जेएनयू में छात्रों को लीडरशिफ सिखाए जाने के लिए रामायण पर आयोजित किया जा रहा है।

वेबिनार पर कुलपति के अयोजन को लेकर कहीं ये बात
जिसके बाद एक और ट्विटर जेएनयू के वीसी ने कहा कि मेरे इस निर्णय के बाद कुछ लोगों ने मुझसे पूछा है कि जेएनयू में रामायण के नेतृत्व पाठों पर एक वेबिनार क्यों है। तो उन्होंने लिखा कि लॉकडाउन अवधि के दौरान हमने COVID-19 से संबंधित कई वेबिनार आयोजित किए हैं। यह वेबिनार की ऐसी श्रृंखलाओं का एक हिस्सा है जो हम आयोजित कर रहे हैं।
वीसी ने लिखा कि भगवान राम ने हमें ये सिखाया
इसके बाद तीसरे ट्विटर मैसेज में जेएनयू के वीसी ने लिखा कि महात्मा गांधी ने इस बात पर जोर दिया कि कैसे भगवान राम ने हमें प्रतिकूल परिस्थितियों में भी सत्य, न्याय, समानता और समानता को बनाए रखना सिखाया। जब हम COVID से लड़ रहे हैं तो हमने सोचा कि खुद को मजबूत बनाने के लिए रामायण से सीखने के लिए बहुत अच्छे सबक हैं। मुझे कोई कारण नहीं दिखता कि किसी को इसका विरोध क्यों करना चाहिए।
यूनिवर्सिटी के छात्र और फैकल्टी ही भाग ले सकते हैं
मालूम हो कि इस ऑनलाइन सेमिनार में यूनिवर्सिटी के छात्र और फैकल्टी ही भाग ले सकते हैं। इसका आयोजन उनके लिए ही हो रहा है। आपको बता दें कि इससे पहले जेएनयू में कोविड-19 की चुनौतियों और समाधान विषय पर भी वेबिनार हो चुका है। इस सेमिनार में विदेशों से भी विद्यार्थियों ने भाग लिया था।
Mahatma Gandhi emphasized how Lord Ram taught us to uphold truth,justice,equality&equanimity even in adverse situation. When we're fighting COVID we thought there are great lessons to learn from Ramayan to strengthen ourselves. I see no reason why anybody should oppose it: JNU VC https://t.co/Na3c7nBsIn
— ANI (@ANI) April 28, 2020












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