असम: कैश वैन पर हमला कर पैसे लूटे, एक व्यक्ति की मौत
सरकार ने नोट बैन का कदम कालेधन पर लगाम लगाने के चलते उठाया है। सरकार के अनुसार इस कदम से आतंकवादियों और नक्सलियों को होने वाली फंडिंग पर भी रोक लगेगी।
तिनसुकिया। मोदी सरकार द्वारा 500 और 1000 रुपए के नोट बंद किए जाने के बाद जहां एक ओर बैंक और एटीएम के बाहर लगने वाली लाइनें लगातार लंबी होती जा रही हैं, वहीं दूसरी ओर, देश में कई जगहों से लूट जैसी घटनाओं को अंजाम देने की खबरें भी आ रही हैं।

आज यानी बुधवार को असम से भी ऐसी ही एक लूट की घटना सामने आई है। असम के तिनसुकिया में एक कैश वैन पर हमला करके सारा कैश लूट लिया गया है। इस हमले में एक व्यक्ति की मौत भी हो गई है, जबकि दो लोग घायल हैं।
यह कैश वैन तिनसुकिया जिले के पेनग्री में एक चाय के बागान में मजदूरों को पैसे बांटने जा रही थी, जिस पर अचानक कुछ लोगों ने कैशवैन पर गोलियां चलानी शुरू कर दीं।
यह हमला एक जंगल के बीच हुई है। इस हमले में मरने वाले व्यक्ति का नाम अभिजीत पॉल है, जो वहीं का स्थानीय निवासी है। हमले में घायल लोगों को डिब्रुगढ़ के असम मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया है। ये घायल लोग असम टी प्लांटेशन सिक्योरिटी फोर्स के गार्ड हैं।
पुलिस के उच्च अधिकारी घटनास्थल पर पहुंच चुके हैं और मामले की छानबीन शुरू कर दी गई है। पुलिस का मानना है कि इस घटना को अंजाम देने के पीछे उल्फा उग्रवादियों का हाथ हो सकता है।
9 नवंबर से बंद हुए हैं नोट
8 नवंबर की आधी रात के बाद यानी 9 नवंबर से ही मोदी सरकार ने 500 और 1000 रुपए के नोटों को बैन कर दिया है। इसके बदले सरकार ने फिलहाल 500 और 2000 रुपए के नए नोट जारी किए हैं और जल्द ही 1000 रुपए के नोट भी जारी करने की सरकार की योजना है।
सरकार ने यह कदम कालेधन पर लगाम लगाने के चलते उठाया है। सरकार के अनुसार इस कदम से आतंकवादियों और नक्सलियों को होने वाली फंडिंग पर भी रोक लगेगी।
अब आतंकवादियों और नक्सलियों के पास रखा पैसा महज कागज का टुकड़ा रह गया है। माना जा रहा है कि अपनी गतिविधियों को जारी रखने के लिए पैसों के इंतजाम करने का ये तरीका उग्रवादियों ने अपनाया है।












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