'वन नेशन, वन इलेक्शन' पर BJD का स्टैंड, क्या है सीएम नवीन पटनायक का रुख? जानिए
केंद्र की ओर से 'वन नेशन, वन इलेक्शन' की संभावनाएं तलाशी जा रही हैं। वहीं दूसरी ओर विपक्षी दल इसको संविधान के खिलाफ बता रहे हैं। ऐसे में ओडिशा से सीएम नवीन पटनायक की पार्टी बीजू जनता दल ने एक अलग स्टैंड लिया है।
संसद के विशेष सत्र की घोषणा के साथ कुछ अहम मुद्दों पर बिल की संभावनाओं को लेकर चर्चा जोरों पर है। इस बीच 'वन नेशन वन इलेक्शन' को लेकर केंद्र सरकार ने सरकार ने संभावनाएं तलाशनी शुरू कर दी हैं। हालांकि इस बीच विपक्षी दलों की ओर से इसको लेकर कई आशंकाएं व्यक्त की जा रही हैं।
'वन नेशन वन इलेक्शन' को लेकर विपक्ष की ओर कहा ये जा रहा है एक बार चुनाव होने से जनता के प्रति नेताओं की जवाबदेही कम हो जाएगी। वहीं केंद्र ने 'एक देश एक चुनाव' की संभावनाएं तलाशने के लिए के टीम गठित की है। जिसकी अध्यक्षता पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद कर रहे हैं। इस बीच बीजेडी ने केंद्र की ओर से लाए जाने वाले संभावित बिल को लेकर अपना रूख स्पष्ट किया है।

ओडिशा में चुनाव को लेकर बीजेडी मजबूत स्थिति में है। पूर्व मंत्री व विधायक बद्रीनारायण पात्रा ने कहा है कि उनकी पार्टी को एक साथ चुनाव होने से कोई चिंता नहीं है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने हमेशा कहा है कि बीजेडी राज्य में किसी भी अन्य राजनीतिक दल का मुकाबला करने के लिए तैयार है। न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक 'वन नेशन, वन इलेक्शन' को लेकर बीजेडी ने अपना रूख स्पष्ट कर दिया है। पार्टी के वरिष्ठ नेता बद्रीनायण पात्रा ने कहा है कि हम हर स्थिति के लिए तैयार हैं।
मुख्यमंत्री नवीन पटनायक की बीजू जनता दल (BJD) की ओर से एक बयान में कहा गया कि अगर लोकसभा और राज्य विधानसभा चुनाव एक साथ कराने के लिए ( वन नेशन, वन इलेक्शन) कानून बनाया जाता है तो वह इसका समर्थन करेगी।
वहीं पीएम मोदी लोकसभा और राज्य विधानसभाओं के चुनाव एक साथ कराए जाने के प्रबल समर्थक माने जाते हैं। साल 2018 में संसद में उन्होंने वन नेशन वन इलेक्शन का समर्थन किया था। उन्होंने कहा कि राज्यों में लगातार चुनाव विकास में बाधक बन रहे हैं। इससे मानव संसाधन बोझ बढ़ने के साथ कई बार चुनाव आचार संहिता लागू होने से विकास कार्य भी बाधित होते हैं। जबकि 2019 में पीएम मोदी ने लाल किले से अपने भाषण में कहा कि एक साथ चुनाव कराने को लेकर देशभर में बहस चल रही है। यह चर्चा लोकतांत्रिक तरीके से की जानी चाहिए।












Click it and Unblock the Notifications