ज्ञानवापी मामले पर बोली तसलीमा नसरीन, सभी धर्मों के लोगों के लिए होना चाहिए एक 'बड़ा प्रार्थना घर'
नई दिल्ली, मई 16। अक्सर अपनी विवादित टिप्पणियों की वजह से चर्चाओं में रहने वालीं लेखिका तसलीमा नसरीन ने ज्ञानवापी मस्जिद मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। दरअसल, एक ट्वीट के जरिए यह सुझाव दिया है कि सभी धर्मों के लोगों के लिए एक बड़ा प्रार्थना घर होना चाहिए, जहां सभी आकर एकसाथ प्रार्थना कर सकें। तसलीमा नसरीन ने अपने ट्वीट में कहा है कि इस बड़े प्रार्थना घर में 10 कमरे हिंदुओं को और बाकि 1-1 कमरा अन्य धर्म के लोगों को मिलना चाहिए।

क्या कहा तसलीमा ने?
तसलीमा नसरीन ने कहा है, "सभी के लिए 1 बड़ा प्रार्थना घर होना बेहतर है। प्रार्थना घर में 10 कमरे, हिंदुओं (सभी जातियों) के लिए, 1 कमरा मुसलमानों के लिए 1 (सभी संप्रदायों), 1 ईसाईयों के लिए तो वहीं 1-1 कमरा सिख और बौद्ध धर्म के लोगों के लिए होना चाहिए। जैनियों, पारसी और यहूदियों को भी 1-1 कमरा मिलना चाहिए। साथ ही लाइब्रेरी, आंगन, बालकनी, शौचालय और प्लेरूम कॉमन होना चाहिए।
तसलीमा नसरीन की पोस्ट पर लोगों के रिएक्शन
तसलीमा नसरीन के इस सुझाव को सभी धर्मों के लोगों ने सिरे से खारिज कर दिया है। तसलीमा की पोस्ट पर हिंदू पक्ष के यूजर्स ने कमेंट करते हुए कहा है कि ऐसा नहीं हो सकता क्योंकि हिंदुओं के लिए मंदिर एक प्रार्थना कक्ष से बढ़कर है। यूजर्स का कहना है कि मंदिरों में प्रार्थना करते हैं, नृत्य करते हैं, गाते हैं, खाते हैं, बात करते हैं, खाना बनाते हैं, ध्यान करते हैं, बच्चे खेलते हैं, वयस्क मंदिर के तालाब में स्नान करते हैं, इसलिए एक प्रार्थना कक्ष से काम नहीं चलेगा।
वहीं एक अन्य यूजर ने कहा है कि आपकी बात का सम्मान करते हैं, लेकिन ऐसा संभव नहीं है क्योंकि सभी का प्रार्थना घर अलग-अलग ही सही है। हालांकि लोगों को एक-दूसरे के प्रार्थना घर का सम्मान करना चाहिए, उनपर आक्रमण करके उन्हें कब्जाना नहीं चाहिए। वहीं एक अन्य यूजर ने कहा है कि नहीं धन्यवाद, आपको इसे पाकिस्तान और बांग्लादेश में लागू करना चाहिए। आपके इस फॉर्म्यूले के बिना ही भारत ठीक है।












Click it and Unblock the Notifications