कभी ममता बनर्जी की करीबी माने जाने वालीं IPS अधिकारी भारती घोष, आज हैं मोस्ट वांटेड
कोलकाता। पश्चिम बंगाल की क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट (CID) इन दिनों पूर्व पुलिस अधीक्षक और पदोन्नत IPS अधिकारी भारती घोष को खोज रही है। भारती घोष को एक समय में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की करीबी माना जाता था। उन पर आरोप है कि उन्होंने कथित संपत्ति की जानकारी नहीं दी। रिपोर्ट के मुताबिक भारती घोष को लापता घोषित कर दिया गया है। घोष ने बीते साल 29 दिसंबर को इस्तीफा दे दिया था। इतना ही नहीं घोष के इस्तीफे के बाद इस बात की चर्चा भी राजनीतिक हलकों में आम हो गई थीं कि वो भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो सकती हैं। घोष के साथ ही उनके एक अंगरक्षक के भी उनके साथ लापता होने की खबर है। घोष की तलाश के लिए उनके पति एमएपी राजू के ठिकानों पर CID ने पहुंच कर पूछताछ की। इन सबके बीच घोष ने एक ऑडियो जारी कर CID की कार्रवाई की निंदा की है।

पोस्टिंग माओ प्रभावित मिदनापुर में थी
बीते महीने 9 फरवरी को कोलकाता स्टॉक एक्सचेंज के एक वरिष्ठ अधिकारी के खिलाफ भी सर्च वारंट किया गया। हालांकि वो अभी 15 मार्च तक की अंतरिम जमानत पर हैं। इस पूरे घटना क्रम में राज्य में विपक्षी दल भाजपा और कांग्रेस ने CBI जांच की है। दोनों दलों ने ममता सरकार पर आरोप लगाया है कि घोष को साल 2011 में मारे गए माओवादी नेता किशन जी उर्फ कोटेश्वर राव की मौत के बारे में महत्वपूर्ण जानकारियां मिली थीं। 56 वर्षीय घोष की पोस्टिंग माओ प्रभावित मिदनापुर में थी।

CID के DIG ने कहा कि
अंग्रेजी अखबार The Indian Express के अनुसाार CID के DIG (ऑपरेशन इंचार्ज) निशांत परवेज ने कहा कि 'सब कानून के अनुसार किया जा रहा है। घोष का कहना है कि उन्होंने अपनी संपत्ति का ब्योरा दिया है। यह हम अदालत में देखेंगे हमने करोड़ो रुपए बरामद किए जिनकी जानकारी नहीं दी गई थी।'

1 फरवरी को सामने आया मामला
दरअसल, यह पूरा मामला 1 फरवरी को सामने आया था जब एक स्थानीय रेस्तरां के मालिक चंदन माझी ने अवैध वसूली और धोखाध़ड़ी की शिकायत दर्ज कराई गई थी। जिसके बाद अदालत ने CID को इस मामले की जांच करने के आदेश दिए थे। दो फरवरी को CID ने राज के घर पर छापेमारी भी की।

ये हैं आरोप
इसके बाद एसआई देभाशिष दास, कांस्टेबल संजय महोतो ,सब इंस्पेक्टर प्रदीप रथ, और एक सोना व्यापारी बिमल के खिलाफ शिकायत दर्ज की गई। चंदन का आरोप है कि उसने 375 ग्राम सोने के आभूषण एक पुलिसकर्मी को बेची थी, जिसमें सोने की जगह पुराने नोट दिए जा रहे थे। शिकायत में कहा गया है कि अब तक वह राशि नहीं दी गई। 7 फरवरी को पुलिस ने एक अन्य प्राथमिकी दर्ज की जिसमें घोष, युनुस अली मंडल का नाम शामिल था।












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