सुधींद्र कुलकर्णी के साथ हुए बर्ताव से दुखी कसूरी, बोले गलत हुआ
मुंबई। खुर्शीद महमूद कसूरी, पाकिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री जिनकी वजह से बीजेपी के पूर्व नेता और ओआरएफ के निदेशक सुधींद्र कुलकर्णी को शिवसेना के अजीबो-गरीब व्यवहार का सामना करना पड़ा। शिवसेना कार्यकर्ताओं ने कुलकर्णी के चेहरे पर विरोध रूवरूप कालिख पोत दी।
कुलकर्णी ने मुंबई में पाकिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री खुर्शीद महमूद कसूरी की किताब 'नाइदर ए हॉक नॉर ए डव,' को लांच करने के लिए आमंत्रित किया था। कसूरी ने सोमवार को मुंबई में अपनी किताब लांच कर दी और साथ ही उन्होंने कुलकर्णी के साथ हुए इस बर्ताव को गलत करार दिया है।
क्या कहा खुर्शीद ने
मुंबई में कुलकर्णी ने कालिख लगे चेहरे के साथ ही कसूरी की मौजूदगी में प्रेस कांफ्रेंस की। इस दौरान मीडिया ने कसूरी से कई सवाल किए और उनसे भारत और पाकिस्तान के बीच मौजूदा रिश्तों के बारे में जानने की कोशिश की।
कसूरी के मुताबिक वह सुधींद्र कुलकर्णी पर कालिख पोते जाने से वो बेहद दुखी हैं। कसूरी ने कहा कि सभी लोगों को प्रदर्शन करने का हक है, लेकिन इस तरह के प्रदर्शन से किसी का भला नहीं होता है।
कसूरी ने कहा कि भारत और पाक के बीच विवाद रहे हैं, लेकिन लोगों को विरोध करने का तरीका बदलना चाहिए। कसूरी की मानें तो वह मुंबई में अब सिर्फ इसलिए हैं ताकि कुलकर्णी को और ज्यादा दुख न हो।
मुंबई से कसूरी का गहरा रिश्ता
कसूरी इस दौरान मीडिया को बताया कि मुंबई से उनका पुराना रिश्ता है। उनके पिता मुंबई में रहे थे और जिस समय दोनों मुल्क एक थे और आजादी की लड़ाई के लिए लड़ रहे थे, उस वक्त 19 वर्ष की आयु में वह 'भारत छोड़ो आंदोलन' के समय जेल गए थे।
कसूरी की मानें तो मुंबई उनके लिए दूसरे घर की तरह है और उन्हें इस शहर से काफी प्यार है। कसूरी के मुताबिक दोनों मुल्कों के नेताओं को भारत और पाकिस्तान के नागरिकों की एक दूसरे के प्रति सोच को कम करके नहीं आंकना चाहिए। दोनों मुल्कों के लोग आपस में शांति और प्यार से रहना चाहते हैं।
कसूरी ने मीडिया को यह भी बताया कि जिस समय अटल बिहारी वाजपेई भारत के प्रधानमंत्री थे उन्होंने दोनों मुल्कों के बीच शांति के गंभीर प्रयास किए थे।













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