बढ़ी मुश्किलें, कानपुर में अभिनेत्री स्वरा भास्कर के खिलाफ परिवाद दर्ज, जानिए पूरा मामला

नई दिल्ली। ज्वलंत मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखने वाली अभिनेत्री स्वरा भास्कर के लिए मुश्किलें बढ़ गई हैं क्योंकि उनके खिलाफ कानपुर की अदालत में परिवाद दर्ज कराया गया है। वरिष्ठ अधिवक्ता विजय बख्शी ने कानपुर के सीएमएम-7 की कोर्ट मे स्वरा भास्कर के खिलाफ राजद्रोह का परिवाद दाखिल किया है।

स्वरा भास्कर के खिलाफ परिवाद दर्ज

स्वरा भास्कर के खिलाफ परिवाद दर्ज

विजय बक्शी ने स्वरा भास्कर पर समाज में विद्वेष फैलाने, जाति-धर्म और समुदायों को बांटने का आरोप लगाया है, उनके मुताबिक स्वरा भास्कर फिल्म अभिनेत्री होने के साथ ही मशहूर हस्ती हैं लेकिन अपने भाषणों और ट्वीट के द्वारा समय-समय पर भारत सरकार, उच्चतम न्यायालय, सुरक्षा एजेंसियों के विरुद्ध टिप्पणी करने और समाज में भेदभाव पैदा करने का काम कर रही हैं, उनके भड़काऊ भाषण से समाज को खतरा है।

स्वरा ने दिल्ली हिंसा पर दिया था बयान

स्वरा ने दिल्ली हिंसा पर दिया था बयान

शख्स का कहना है कि इससे देश की छवि तो खराब हो रही है, साथ ही अंतराष्ट्रीय स्तर पर भी नुकसान हो रहा है., कोर्ट में याचिका की सुनवाई के लिए 20 मार्च की तिथि दी गई है। गौरतलब है कि स्वरा भास्कर इन दिनों नागरिकता संशोधन बिल और एनआरसी के खिलाफ जमकर मोर्चा खोला हुआ है।

स्वरा की बोलती हो गई थी बंद

जबकि हाल ही में हुए एक मीडिया हाउस के कार्यक्रम में स्वरा से NRC से जुड़ा सवाल पूछा गया, ट्विटर पर एनआरसी और सीएए के खिलाफ मोर्चा खोले बैठीं स्वरा भास्कर से जब एक पत्रकार ने एनआरसी से जुड़े ड्राफ्ट के बारे में पूछा तो उन्होंने बात का उत्तर ना देते हुए उल्टा पत्रकार से सवाल कर दिया कि आप मुझसे क्यों पूछ रही हैं? यह मेरा काम नहीं है।

'स्वरा ने खुद नहीं पढ़ा है पूरा ड्राफ्ट'

'स्वरा ने खुद नहीं पढ़ा है पूरा ड्राफ्ट'

दरअसल एक मीडिया हाउस के कार्यक्रम में स्वरा भास्कर ने कहा कि सीएए को लेकर सरकार स्पष्ट जवाब नहीं दे रही है इसलिए मेरी तरह तमाम लोगों को सरकार से बार-बार सवाल करने पड़ रहे हैं। सरकार की खुद की तैयारी पूरी नहीं है लेकिन जब स्वरा से सवाल किया गया कि क्या उन्होंने सीएए का पूरा ड्राफ्ट पढ़ा है तो वो थोड़ी देर के लिए तो चुप हो गईं और फिर बोलीं कि इसके कुछ हिस्से को पढ़ा है।

'पीएम हमें नहीं देश के गृहमंत्री को समझा दें'

'पीएम हमें नहीं देश के गृहमंत्री को समझा दें'

लेकिन जो लोग असम में एनआरसी लागू होने के बाद कैंपों में मर गए क्या उनसे भी पूछा जाएगा कि क्या पढ़ा है क्या नहीं, इस तरह के सवालों से लोग चुप होने वाले नहीं हैं, जब स्वरा से पूछा गया कि जो बच्चा पैदा नहीं हुआ, उसका मुंडन क्यों करा रही हैं, आखिर पीएम कौन सी भाषा में कहें कि NRC नहीं आ रहा तो स्वरा का जवाब था कि पीएम हमें नहीं देश के गृहमंत्री को समझा दें कि एनआरसी नहीं आएगा, सारा मामला ही शांत हो जाएगा।

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