ट्विटर पर इस तस्वीर को साझा करके उमर अब्दुल्ला, महबूबा मुफ्ती ने पीएम पर कसा तंज
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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जिस तरह से नेशनल कॉन्फ्रेंस और पीडीपी के नेताओं पर तीखा हमला बोल रहे हैं, उसपर अब दोनों ही पार्टी के नेताओं ने पलटवार किया है। एनसी के नेता उमर अब्दुल्ला और पीडीपी की मुखिया महबूबा मुफ्ती ने पीएम मोदी पर तंज कसा है। ट्विटर के माध्यम से दोनों ही नेताओं ने पीएम मोदी की तस्वीर को साझा करते हुए तंज कसा और कहा कि जो आज इन लोगों से जम्मू कश्मीर को मुक्त कराने की बात कर रहे हैं वह पहले खुद ही इनके गले लग चुके हैं।

मोदीजी का एक और जुमला
उमर अब्दुल्ला ने ट्वीट करके लिखा कि पीएम कहते हैं कि हमे जम्मू कश्मीर में दो परिवारों से मुक्ति चाहिए, लेकिन पीएम मोदी खुद ही 2014 में इन पार्टियों के पास गए। उस वक्त पीएम मोदी मुफ्ती साहब के पास गए, लेकिन 2019 में कहते हैं कि इस परिवार से हमे मुक्ति चाहिए, यह एक और जुमला है मोदी जी का। उमर ने यह ट्वीट पीएम मोदी की कठुआ में रैली के बाद किया है। बता दें कि 2014 में भाजपा ने पीडीपी के साथ मिलकर प्रदेश में सरकार का गठन किया था।
उमर ने साझा की तस्वीर
उमर अब्दुल्ला ने पीएम मोदी और महबूबा मुफ्ती के पिता मोहम्मद सईद की फोटो को साझा किया है, जिसमे दोनों एक दूसरे को गले लगाते हुए देखे जा सकते हैं। अब्दुल्ला ने लिखा है कि देखिए मोदी जी जो कहते हैं उसमे कितना विश्वास करते हैं, देखिए पीडीपी के साथ गठबंधन करके वह कितना खुश हैं और आज वह इसी परिवार से जम्मू कश्मीर को आजादी दिलाना चाहते हैं। वहीं उमर अब्दुल्ला के बाद महबूबा मुफ्ती ने भी एक तस्वीर साझा की है जिसमे पीएम मोदी को उमर अब्दुल्ला फूलों का गुलदस्ता सौंप रहे हैं।
पीएम ने बोला था हमला
बता दें कि एक रैली के दौरान पीएम ने कहा कि आप एनसी और पीडीपी परिवार के शासन के खिलाफ दीवार की तरह खड़े हो जाइए। अब्दुल्ला और मुफ्ती परिवार ने तीन पीढ़ियों की जिंदगी को खराब कर दिया है। इन लोगों के जाने के बाद ही प्रदेश का बेहतर भविष्य संभव है। ये लोग अपने पूरे खानदान को चुनावी मैदान में ला सकते हैं, ये जितना चाहें मोदी को गाली दे सकते हैं लेकिन ये लोग लोगों को बांट नहीं सकते हैं।

370 की बजाए सत्ता कों क्यों चुना
महसूबा मुफ्ती ने उमर अब्दुल्ला के ट्वीट का समर्थन करते हुए कहा कि आखिर पीएम चुनाव से पहले राजनीतिक परिवार पर निशाना क्यों साधते हैं, लेकिन चुनाव के बाद अपने साथियों को गठबंधन के लिए हमारे पास भेजते हैं। एनसी के साथ 99 में, पीडीपी के साथ 2015 में। आखिर ये लोग अनुच्छेद 370 की बजाए सत्ता को क्यों चुनते हैं। भाजपा देश को बांटना चाहती है, मुसलमान को मुसलमान से अल्पसंख्यकों को लड़ाना चाहती है।












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