Odisha: बालासोर में रेत माफियाओं को राज, करोड़ों के राजस्व का नुकसान, तहसीलदार से की गई शिकायत
ओडिशा के बालासोर में सक्रिय खनन माफिया सरकार को करोडों का चूना लगा रहे हैं। ये आरोप भोगराई में लोगों ने तहसीलदार से की गई एक लिखित शिकायत में लगाए हैं। अवैध रूप से खनन के कारोबार के चलते कथित तौर पर ओडिशा सरकार को करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है।
भोगराई तहसीलदार से की गई शिकायत में कहा गया कि ओडिशा-पश्चिम बंगाल सीमा पर रेत माफिया सक्रिय हैं। कथित तौर पर बालासोर जिला प्रशासन की नाक के नीचे से भारी मात्रा में रेत की तस्करी कर रहे हैं।

स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि ओडिशा में कुछ लोगों मिलीभगत से प्रतिदिन सैकड़ों ट्रिप रेत पश्चिम बंगाल में बेची जा रही है। आरोपों के मुताबिक, भोगराई ब्लॉक के मनकुंडा, एंग्लिया, नसराबाद और हड़की आदि गांवों में सरकारी जमीन पर लंबे समय से रेत तस्करी चल रही है। स्थानीय निवासियों ने आरोप लगाया कि अगर वे अवैध गतिविधियों का विरोध करते हैं तो माफिया उन्हें धमकी देकर चुप करा देते हैं।
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि ओडिशा में कुछ लोगों मिलीभगत से प्रतिदिन सैकड़ों ट्रिप रेत पश्चिम बंगाल में बेची जा रही है। भोगराई ब्लॉक के मनकुंडा, एंग्लिया, नसराबाद, हड़की समेत दोनों राज्यों की सीमा पर स्थित कुछ गांवों में सरकारी जमीन पर लंबे समय से रेत तस्करी चल रही है। स्थानीय निवासियों ने आरोप लगया है कि अगर अवैध गतिविधियों का विरोध किया जाता है तो माफिया उन्हें धमकी देकर चुप करा देते हैं।
एक स्थानीय शख्स के मुताबिक कुछ माफियाओं के आरआई और तहसीलदार से संपर्क हैं। जब भी हम अवैध रेत खनन के बारे में तहसीलदार से शिकायत करते हैं, तो हमारी पहचान उजागर कर दी जाती है और हमें माफियाओं से धमकियां मिलती हैं।
वहीं भोगराई तहसीलदार हिमांशु शेखर गिरि ने कहा कि स्थानीय लोगों ने अवैध खनन की शिकायत की है। जांच के लिए संबंधित आरआई को निर्देश दिया है। तहसीलदार ने कहा, "निजी और सरकारी भूमि से कितनी रेत निकाली गई है, इसकी विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है। अगर क्षेत्र में अवैध खनन पाया गया तो कार्रवाई की जाएगी।"












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