गुवाहाटी में ‘ओडिशा परब 2026’ का समापन, पूर्वोत्तर के साथ सांस्कृतिक, पर्यटन और व्यावसायिक संबंध हुए और सशक्त
ओडिशा सरकार के पर्यटन विभाग द्वारा गुवाहाटी के रैडिसन ब्लू होटल में आयोजित तीन दिवसीय सांस्कृतिक व पर्यटन प्रदर्शनी 'ओडिशा परब 2026' का सफल समापन हुआ। इस आयोजन का उद्देश्य ओडिशा और पूर्वोत्तर राज्यों के बीच सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करना, प्रवासी समुदाय से जुड़ाव बढ़ाना और व्यापारिक सहयोग को प्रोत्साहित करना था।
'ओडिशा परब' ने संस्कृति, विरासत, व्यंजन, पर्यटन प्रचार, संस्थागत संवाद और उद्योग जुड़ाव को एक साझा मंच पर लाकर ओडिशा को अनुभवात्मक व टिकाऊ पर्यटन के प्रमुख गंतव्य के रूप में प्रस्तुत किया।

डायस्पोरा मीट, बी2बी और जी2बी संवाद बने प्रमुख आकर्षण
कार्यक्रम के दौरान ओडिया डायस्पोरा मीट, बी2बी (बिजनेस-टू-बिजनेस) और जी2बी (गवर्नमेंट-टू-बिजनेस) संवाद तथा पर्यटन रोडशो आयोजित किए गए। इनका फोकस सांस्कृतिक संरक्षण, निवेश अवसरों और संयुक्त प्रचार पहलों पर रहा। दूसरे दिन इन बैठकों के माध्यम से संस्थागत सहयोग को विशेष रूप से आगे बढ़ाया गया।
गणमान्य व्यक्तियों की गरिमामयी उपस्थिति
डायस्पोरा मीट में ओडिशा की माननीय उपमुख्यमंत्री श्रीमती प्रवति परिदा और असम सरकार के माननीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा सिंचाई मंत्री श्री अशोक सिंघल ने भाग लिया। इस अवसर पर ओडिशा पर्यटन विभाग के आयुक्त-सह-सचिव श्री बलवंत सिंह, दोनों राज्यों के वरिष्ठ अधिकारी और असम व पूर्वोत्तर क्षेत्र के ओडिया प्रवासी भी उपस्थित रहे।
प्रवासियों की भूमिका पर क्या बोलीं डिप्टी सीएम
उपमुख्यमंत्री प्रवति परिदा ने 'ओडिशा परब' को ओडिया प्रवासियों को राज्य की विकसित होती पहचान, सांस्कृतिक शक्ति और बढ़ते पर्यटन अवसरों से जोड़ने वाला एक सार्थक मंच बताया। उन्होंने प्रवासियों को सांस्कृतिक दूत बताते हुए ओडिशा और असम के बीच लोगों से लोगों के संबंध मजबूत करने में उनकी अहम भूमिका पर जोर दिया, जिससे पारस्परिक सद्भाव को बढ़ावा मिलता है।
असम सरकार ने पहल की सराहना की
असम के मंत्री श्री अशोक सिंघल ने ऐसे सांस्कृतिक और पर्यटन आदान-प्रदान को आपसी समझ और सहयोग के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए इस पहल की सराहना की।
खुले संवाद से उभरे सहयोग के नए अवसर
डायस्पोरा मीट ने गणमान्य व्यक्तियों और समुदाय के सदस्यों के बीच खुले संवाद का अवसर प्रदान किया, जिसमें सांस्कृतिक संरक्षण, पर्यटन प्रचार और सहयोगात्मक अवसरों पर विस्तृत चर्चा हुई।
जी2बी बैठकों में निवेशकों की मजबूत रुचि
संरचित जी2बी बैठकों में विभिन्न हितधारकों ने गहरी दिलचस्पी दिखाई। निवेशकों ने विशेष रूप से पर्यटन और आतिथ्य क्षेत्रों में ओडिशा में निवेश करने की इच्छा व्यक्त की, जो राज्य के व्यापारिक माहौल पर बढ़ते भरोसे को प्रमाण है।
अनुकूल व्यापारिक माहौल में बढ़ता विश्वास
निवेशकों की यह रुचि ओडिशा के अनुकूल व्यापारिक वातावरण, मजबूत नीतिगत ढांचे और 'ईज-ऑफ-डूइंग-बिजनेस' पारिस्थितिकी तंत्र में बढ़ते विश्वास को प्रतिबिंबित करती है।
बी2बी बैठकों में पर्यटन साझेदारी पर चर्चा
बी2बी बैठकों में असम और पूर्वोत्तर के टूर ऑपरेटर, आतिथ्य क्षेत्र के प्रतिनिधि और पर्यटन हितधारकों ने ओडिशा पर्यटन अधिकारियों से मुलाकात की। इन बैठकों में गंतव्य प्रचार, कनेक्टिविटी और साझेदारी के अवसरों पर विचार-विमर्श किया गया।
ओडिशा पर्यटन रोडशो ने बटोरी सराहना
दिन का समापन श्री बलवंत सिंह के नेतृत्व में आयोजित ओडिशा पर्यटन रोडशो के साथ हुआ, जिसमें राज्य के विविध पर्यटन स्थलों को प्रदर्शित किया गया। रोडशो ने संयुक्त प्रचार और दीर्घकालिक सहयोग के लिए उल्लेखनीय रुचि उत्पन्न की।
प्रदर्शनी और सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने मोहा दर्शकों को
तीन दिनों तक चली प्रदर्शनी, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और पर्यटन मंडपों ने बड़ी संख्या में दर्शकों को आकर्षित किया। ओडिशा की कला, हस्तशिल्प, हथकरघा, व्यंजन और पर्यटन स्थलों ने आगंतुकों को समृद्ध अनुभव प्रदान किया।
ओडिशा की जीवंत सांस्कृतिक विरासत का प्रदर्शन
सांस्कृतिक संध्याओं में घुमुरा, पैका अखाड़ा, ओडिसी, गोटीपुआ, साहिजाता, धेम्सा और झागेडी जैसे पारंपरिक नृत्य और कला रूपों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया। इन प्रस्तुतियों ने ओडिशा की सांस्कृतिक विरासत की गहराई, विविधता और निरंतर जीवंतता को प्रभावी ढंग से दर्शाया।
पूर्वोत्तर में ओडिशा की रणनीतिक उपस्थिति मजबूत
गुवाहाटी में आयोजित 'ओडिशा परब' केवल एक सांस्कृतिक उत्सव तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह पर्यटन आउटरीच, प्रवासी जुड़ाव, संस्थागत संवाद और व्यावसायिक सहयोग के लिए एक रणनीतिक मंच के रूप में उभरा। इस आयोजन से पूर्वोत्तर क्षेत्र में ओडिशा की उपस्थिति और साझेदारियां और अधिक मजबूत हुईं।












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