ओडिशा: वकीलों की हड़ताल पर सुप्रीम कोर्ट का कड़ा रुख, कहा- काम पर लौटें नहीं तो लाइसेंस कैंसल
ओडिशा में वकीलों की हड़ताल पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कड़ा रुख दिखाते हुए बुधवार तक सभी को काम शुरू करने को कहा है। सर्वोच्च अदालत ने साथ ही यह भी कहा है कि अगर ऐसा नहीं होता है तो उन्हें कोर्ट की अवमानना का दोषी माना जाएगा और बार काउंसिल उनके लाइसेंस निलंबित/रद्द करेगी।

उन्होंने आगे कहा हमें इस बात की परवाह नहीं है कि आपकी रोजी का सहारा छिन जाएगा लेकिन आम जनता इस तरह से परेशान नहीं होनी चाहिए। अच्छा है अगर ऐसे लोग कोर्ट में प्रैक्टिस न करें।
वहीं पीठ के दूसरे न्यायाधीश ने कहा कि इस तरह के व्यवहार से केवल याचिकाकर्ता ही नहीं बल्कि बार के जूनियर सदस्य भी तकलीफ उठाते हैं।
वहीं बार एसोसिएशनों की ओर से पेश वकीलों ने कोर्ट से आग्रह किया कि हड़ताल के लिए जिनका निलंबन किया गया है उसे अगली सुनवाई तक टाल दिया जाए। अपील पर कोर्ट ने कहा कि इसका कोई सवाल ही नहीं है। वास्तव में हम और निलंबन चाहते हैं। हमने बार काउंसिल को यही निर्देश दिया है।
ओडिशा में वकील पश्चिमी ओडिशा में हाईकोर्ट की स्थायी बेंच की मांग को लेकर हड़ताल पर हैं। हड़ताल के चलते हाईकोर्ट में कामकाज बुरी तरह से प्रभावित हुआ है। इसे लेकर हाईकोर्ट ने सर्वोच्च अदालत में याचिका दायर की है। याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को बार काउंसिल ऑफ इंडिया और ओडिशा बार काउंसिल को नोटिस भेजा था।
लंबे समय से पश्चिमी ओडिशा के संबलपुर में उड़ीसा उच्च न्यायालय की स्थायी पीठ की मांग मजबूत होती जा रही है। वकीलों का कहना है कि केंद्र ने एक स्थायी पीठ के गठन के लिए एक व्यापक प्रस्ताव का अनुरोध किया था, लेकिन ओडिशा सरकार ने इस क्षेत्र में कोई प्रगति नहीं की है।












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