Covid-19 से निपटने के लिए ओडिशा सरकार की बड़ी पहल, 5 जिलों-8 शहरों में 'लॉक डाउन'
नई दिल्ली- कोरोना वायरस के संक्रमण से निपटने के लिए ओडिशा सरकार ने कई तरह के पहल किए हैं और कई बड़ी घोषणाएं की हैं। मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने हालात की गंभीरता को समझते हुए 22 मार्च से 29 मार्च तक पांच जिलों और 8 शहरों में पूरी तरह से 'लॉक डाउन' का ऐलान कर दिया है। इस दौरान लोगों को किसी तरह की खास परेशानी न हो इस बात को भी सरकार ने ध्यान में रखा है।

ओडिशा के जिन 5 जिलों और 8 शहरों को 'लॉक डाउन' करने का फैसला किया गया है, वे हैं- खुरदा, गंजम, कटक, अंगुल और केंद्रपाड़ा। इसके अलावा पहले फेज में पुरी, राउरकेला, संबलपुर, झारसुगुड़ा, बालासोर जाजपुर रेड, जाजपुर टाउन और भद्रक में भी 'लॉक डाउन' का ऐलान किया गया है। मुख्यमंत्री ने अपील की है कि लोग अपने घरों में ही रहें और जरूरी काम के लिए ही बाहर निकलें। 'लॉक डाउन' के दौरान अस्पताल, क्लीनिक, मेडिसिन, ग्रॉसरी, सब्जी, मीट और दूध के दुकान खुले रहेंगे। इनके अलावा बैंक, एटीएम, पेट्रोल पंप भी खुले रहेंगे।
ओडिशा सरकार की ओर से जारी प्रेस रिलीज के मुताबिक शनिवार दोपहर तक राज्य में जांच के लिए 70 सैंपल भेजे जा चुके थे, जिनमें से 2 पॉजिटिव हैं और एक की रिपोर्ट नहीं आई है। जिन दो मरीजों का टेस्ट पॉजिटिव आया है, उनकी हालत स्थिर बताई गई है। इन दोनों मरीजों के संपर्क में 56 लोग आए थे, जिनमें से 53 का पता चल चुका है उनमें से 23 लोगों को अस्पताल के आइसोलेशन में रखा गया है।
राज्य सरकार ने महामारी ऐक्ट-1897 के तहत मीडिया वालों को भी एडवाइजरी दी है कि किसी भी कोरोना वायरस के संक्रमित या उससे जुड़े लोगों, रिश्तेदारों, डॉक्टरों या मेडिकल स्टाफ की पहचान किसी भी सूरत में जाहिर नहीं करेंगे और न ही किसी रूप में उनका इंटरव्यू ही करेंगे।
सरकार ने साफ कर दिया है कि जो भी गाइडलाउंस या एडवाइजरी का उल्लंघन करते पाए जाएंगे उनके खिलाफ संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
राज्य सरकार ने राज्य खाद्य सुरक्षा स्कीम के तहत इस संकट की घड़ी में गरीब लाभार्थियों का दायरा भी 5 लाख बढ़ा दिया है, जिन्हें 24 मार्च से प्रति व्यक्ति 1 रुपये के हिसाब से 5 किलो चावल दिया जाएगा। यही नहीं राज्य सरकार छात्रों को मिलने वाला मिडडे मील भी एक ही बार में तीन महीने के लिए एडवांस में मुहैया कराएगी। इसके अलावा भी कई तरह की राहत की घोषणाएं की गई हैं। गांवों में विशेष जागरुकता भी अभियान जलाया जाएगा और शहरों में सफाई के लिए 'स्वच्छ साथियों' को जिम्मेदारी सौंपी गई है।












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