फर्जी शिक्षकों की पहचान के लिए ओडिशा सरकार ने मुहिम की तेज
फर्जी शिक्षकों की पहचान के लिए ओडिशा सरकार ने मुहिम की तेज
भुवनेश्वर, 13 जून: ओडिशा सरकार फर्जी शिक्षकों की बर्खास्तगी में देरी को लेकर आलोचना झेल रही है। वहीं ऐसे शिक्षकों की पहचान करने और उचित कार्रवाई शुरू करने के लिए प्रदेश सरकार ने मुहिम तेज कर दी है।

प्राथमिक शिक्षा निदेशालय ने कथित तौर पर फर्जी दस्तावेज जमा करने वाले 130 शिक्षकों या उनके खिलाफ लंबित मामलों की सूची जिला शिक्षा अधिकारियों (DEO), ब्लॉक शिक्षा अधिकारियों (BEO) के साथ-साथ जिला परियोजना समन्वयकों (DPC) को उनकी साख की जांच करने के लिएसौंपी है।
डीईओ और अन्य क्षेत्र के पदाधिकारियों को प्रमाण पत्र, मार्कशीट, प्रशिक्षण और अन्य शैक्षणिक प्रमाणपत्रों के साथ-साथ जाति प्रमाण पत्र और सेवा रिकॉर्ड को तुरंत सत्यापित करने के लिए कहा गया है।
पिछले साल कटक जिले में भर्ती के दौरान फर्जी प्रमाण पत्र जमा करने वाले शिक्षकों की सेवाओं को समाप्त करने के लिए राज्य सरकार को उड़ीसा उच्च न्यायालय के निर्देश के बाद, स्कूल और जन शिक्षा (एसएमई) विभाग ने कई जिलों को पत्र जारी कर उन्हें पहचानने की प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए कहा था।
निदेशालय के सूत्रों के अनुसार डीईओ, बीईओ और डीपीसी को समय-समय पर शिक्षकों के विवरण को सत्यापित करने और उन लोगों का विवरण जमा करने के लिए सूचित किया जा रहा है, जिनकी अंकतालिका, शैक्षणिक प्रमाण पत्र या सेवा रिकॉर्ड आवश्यक के लिए संदिग्ध पाए जाते हैं। गतिविधि।
सरकार ने एसएमई विभाग के तहत निदेशालयों को ऐसे शिक्षकों को बर्खास्त करने और संबंधित पुलिस थानों में उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का भी निर्देश दिया है। हालांकि जिला स्तर पर अब तक कार्रवाई संतोषजनक नहीं रही है। अधिकारियों ने कहा डीईओ, बीईओ और डीपीसी को अपने स्तर पर आवश्यक कार्रवाई के लिए सत्यापन प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए कहा गया है।












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