'ओडिशा ने FCI को नहीं दिया 14 लाख टन चावल', केंद्र ने राज्यसभा में दिया जवाब
केंद्र ने राज्यसभा को ओडिशा द्वारा चावल वितरण को लेकर विस्तृत जानकारी दी। दरअसल, ओडिशा सरकार की ओर केंद्र पर आरोप लगाया गया था कि भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) समय पर चावल नहीं उठा रहा है। राज्यसभा में केंद्र ने इस पर अपने जवाब में कहा कि राज्य ने दिसंबर से 36.36 लाख टन के लक्ष्य के मुकाबले 22.48 लाख टन चावल वितरित किया है।
खाद्य और सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले मंत्री निरंजन ज्योति ने बीजद सांसद मानस मंगराज ने राज्यसभा में एक सवाल के जवाब में कहा कि ओडिशा ने दिसंबर 2022 से जनवरी, 2024 तक 36.36 लाख टन के लक्ष्य के मुकाबले 22.48 लाख टन चावल वितरित किया है। जबकि राज्य ने दिसंबर, 2023 से जनवरी, 2024 तक और 2023-24 के खरीफ विपणन सीजन के दौरान 3.25 लाख टन के लक्ष्य के मुकाबले केवल 1.06 लाख टन चावल वितरित किया है। केंद्रीय उपभोक्ता मामलों के राज्य मंत्री ने यह जानकारी दी।

केंद्रीय राज्य मंत्री ने आगे कहा कि ओडिशा सरकार द्वारा 2022-23 KMS के दौरान 3 जनवरी, 2024 तक 53.85 लाख टन कस्टम मिल्ड चावल (CMR) केंद्रीय पूल में पहुंचाया गया है, जिसमें से 44.18 लाख टन उबले चावल के रूप में था।
राज्यों के साथ केंद्र के एमओयू का जिक्र करते हुए मंत्री निरंजन ज्योति ने कहा, "अगर राज्य सरकार द्वारा खरीदे गए चावल का स्टॉक लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली (TPDS) और अन्य कल्याण योजना (OWS) के तहत इसके आवंटन से अधिक है, तो ऐसी अतिरिक्त राज्य सरकार द्वारा स्टॉक एफसीआई को सौंप दिया जाएगा।
मंत्री ने कहा कि राज्य ने दिसंबर 2023 से जनवरी 2024 तक 3.25 लाख टन के लक्ष्य के मुकाबले केवल 1.06 लाख टन चावल वितरित किया है। जबकि 22.48 लाख टन एफसीआई को दिया है और एफसीआई के पास राज्य द्वारा प्रस्तावित अधिशेष सीएमआर को समायोजित करने के लिए पर्याप्त भंडारण स्थान है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि केंद्र ने राज्य सरकार को 2023-24 केएमएस के दौरान 10 लाख टन के अधिशेष फोर्टिफाइड पारबोल्ड चावल वितरित करने की अनुमति दी गई है।












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