5 सालों में विदेश से MBBS करने वाले भारतीयों की संख्या में हुआ तीन गुना इजाफा, FMGE में बढ़ी संख्या
number of Indians doing MBBS from abroad has tripled in 5 years, FMGI figures are telling the truth
नई दिल्ली, 03 फरवरी। यूक्रेन पर रूस के हमले के बाद यूक्रेन में पढ़ रहे भारतीय डिकल छात्रों की दुर्दशा और विदेशों में उनकी बढ़ती की संख्या ने पूरी दुनिया का ध्यान खींचा है। आंकड़ों पर गौर करें तो पिछले पांच सालों में विदेश में मेडिकल पढ़ाई करके लौटने वाले भारतीयों की संख्या में रिकार्ड तोड़ वृद्धि हुई है। भारत में प्रक्टिस करने के लिए Foreign Medical Graduates Examination (FMGE) देने वाले कैंडिडेट की संख्या में तीन गुना वृद्धि हुई है।

जानें क्या होता है FMGE
बता दें भारत में मेडिकल प्रैक्टिस करने के लिए लाइसेंस प्राप्त करने के लिए विदेश से एमबीबीएस डिग्री हासिल करके आए सभी भारतीय छात्रों को एफएमजीई परीक्षा देनी होतीहै। एफएमजीई परीक्षा में पिछले पांच सालों में शामिल होने वाले छात्रों की संख्या इस बात का प्रमाण है कि विदेश में मेडिकल की पढ़ाई करने जाने छात्रों की संख्या में अत्यधिक बढोत्तरी हुई है।

आंकड़े बयां कर रहे ये सच्चाई
एफएमजीई आयोजित करने वाले नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन (NBE) के अनुसार, परीक्षा देने वाले मेडिकल ग्रेजुएट्स की संख्या 2015 में 12,116 से बढ़कर 2020 में 35,774 हो गई । यहां तक कि भारत ने इसी अवधि के दौरान लगभग 30,000 नई मेडिकल सीटें बढ़ाई हैं।

परीक्षा पास करने के लिए मिलते हैं तीन मौके
एमजीई साल में दो बार एनबीई द्वारा आयोजित की जाती है और इन ग्रेजुएट छात्रों को तीन मौके परीक्षा पास करने के लिए मिलते हैं। MGE में शामिल होने वाले अधिकांश ग्रेजुएट ने चीन, रूस, यूक्रेन, किर्गिस्तान, फिलीपींस और कजाकिस्तान में पढ़ाई की है।

इस देश में सबसे अधिक संख्या में एमबीबीएस पढ़ाई करने जाते हैं भारतीय
2020 में, चीनी विश्वविद्यालयों के 12,680 एमबीबीएस ग्रेजुएट परीक्षा के में शामिल हुए । इसके बाद रूस से 4,313 स्नातक, यूक्रेन से 4,258, किर्गिस्तान से 4,156, फिलीपींस से 3,142 और कजाकिस्तान से 2,311 स्नातक थे। इससे साफ है कि भारत के सबसे अधिक बच्चे पड़ोसी मुल्क चीन में डॉक्टरी की डिग्री हासिल करने जाते हैं।

5 सालों में महज इतने फीसदी ही पास कर पाए FMGE परीक्षा
पिछले पांच वर्षों में, FMGE परीक्षा का औसत पास करने का प्रतिशत 15.82% रहा है, और यूक्रेन से स्नातकों के लिए उत्तीर्ण संख्या 17.22% रहा है। इसके बावजूद इन देशों में चिकित्सा का अध्ययन करने वाले भारतीयों में संख्या में अत्यधिक बढृोत्तरी हुई है।












Click it and Unblock the Notifications