यात्रीगण कृप्या ध्यान दें! RAC टिकट पर यात्रा करने वालों को अब मिलेगी ये खास सहूलियत
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नई दिल्ली। अगर आपके पास ट्रेन में RAC का टिकट है तो आपको बैठने की जगह तो मिल जाएगी लेकिन सोने के लिए नहीं। आपसे रेलवे बेडरोल के भी पैसे लेता है लेकिन पूरी सीट नहीं मिलती। हालांकि अब ऐसा नहीं होगा। रेलवे ने कहा है कि RAC टिकट पर यात्रा करने वालों को भी बेडरोल दिया जाएगा। यह सुविधा सिर्फ एसी कोच के लिए है। हालांकि यह सुविधा साल 2009 से ही चल रही है लेकिन ठीक से आदेश का पालन नहीं हो रहा था रेलवे बोर्ड ने सभी जोनल रेलवे महाप्रबंधकों को निर्देश जारी कर के कहा है कि वो एसी कोच में आरएसी टिकट पर यात्रा करने वाले सभी यात्रियों को चादर और कंबल मिले, यह सुनिश्चित कराएं। रेलवे बोर्ड ने यह नियम इस बात को ध्यान में रख कर बनाया था कि RAC टिकट पर भी यात्री पूरा किराया देता है जिसमे बेडरोल का चार्ज भी शामिल होता है।

तो TTE देगा बेडरोल
रेलवे ने कहा है कि यदि अटेंडेंट बेडरोल नहीं दे रहा होगा तो टीटीई बेडरोल देगा। बता दें कि कुछ समय पहले स्लीपर में RAC बर्थ की संख्या बढ़ा कर 10 से 14, थर्ड AC में 4 से8 और सेकेंड एसी में 4 से 6 कर दी थी। बीते दिनों खबर आई थी कि कुछ ट्रेनों के एसी कोच में दिए जाने वाले कंबल और चादर देने के नियम को बंद करने की योजना बना रही है।

यह भी है रेलवे की योजना
दरअसल, रेलवे की योजना यह है कि रेलवे कंबल देने के बजाय कोच का तापमान 19 डिग्री से 24 डिग्री कर देगी। दूसरे विकल्प के तौर पर कंबल के साथ कवर भी दिया जा सकता है, क्योंकि कवर की धुलाई कंबल के मुकाबले आसान और सस्ती होती है। ट्रेन में कंबल देने की वजह से उन्हें धोने में काफी दिक्कत और खर्च आता है।

55 रुपए धुलाई में होते हैं खर्च
शुरुआत में रेलवे इसे पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर कुछ चुनिंदा ट्रेनों में लागू करने की योजना बना रही है। अगर यह सही रहा तो फिर रेलवे इसे सभी ट्रेनों में लागू करेगी। रेलवे के सूत्रों की मानें तो बेडरोल की धुलाई में रेलवे के 55 रुपए खर्च हो जाते हैं, जबकि यात्रियों से सिर्फ 22 रुपए लिए जाते हैं। ऐसे में रेलवे की नई योजना काफी काम की रहेगी। सीएजी ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि रेलवे के कंबल एक से दो महीनों में धुलते हैं और उनकी धुलाई में क्वालिटी कंट्रोल का भी ध्यान नहीं रखा जाता है।












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