निर्भया के बलात्कारियों को एक महिला जल्लाद बन चढ़ाएगी फांसी, उपराज्यपाल को चिट्ठी लिखकर की गुजारिश

'मैं इन दरिंदों को फांसी देने के लिए बिना किसी भय के तैयार हूं। मेरी लंबी लड़ाई का यही सुखद अंत होगा...'

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    Nirbhaya के बलात्कारियों को फांसी पर चढ़ाने के लिए ये महिला बनना चहाती है जल्लाद | वनइंडिया हिंदी

    नई दिल्ली। हैदराबाद में महिला डॉक्टर के साथ हुई दरिंदगी की घटना के बाद जहां पूरा देश गुस्से में है, वहीं इस घटना के बाद अब दिल्ली में निर्भया गैंगरेप के दोषियों को जल्द से जल्द फांसी पर लटकाए जाने की मांग भी उठने लगी है। लोग लगातार सवाल उठा रहे हैं कि निर्भया को आखिर कब इंसाफ मिलेगा? हालांकि खबर है कि तिहाड़ जेल में फांसी देने के लिए कोई जल्लाद ही नहीं है। ऐसे में कई लोगों ने आगे आकर कहा है कि निर्भया के दोषियों को फांसी देने के लिए वो खुद जल्लाद बनने को तैयार हैं। इसी कड़ी में एक और महिला सामाजिक कार्यकर्ता ने दिल्ली के उपराज्यपाल को चिट्ठी लिखकर कहा है कि वो खुद जल्लाद बनकर निर्भया के दोषियों को फांसी देने के लिए तैयार है।

    'उन हैवानों को फांसी देने के लिए मैं तैयार हूं'

    'उन हैवानों को फांसी देने के लिए मैं तैयार हूं'

    सामाजिक कार्यकर्ता योगिता भयाना ने निर्भया के दोषियों को फांसी देने के लिए दिल्ली के उपराज्यपाल को चिट्ठी लिखी है। योगिता भयाना ने ट्वीट करते हुए लिखा है, 'मैं इन दरिंदों को खुद फांसी देने के लिए बिना किसी भय और बिना किसी शर्त के तैयार हूं। सिर्फ एक जल्लाद ना होने की वजह से निर्भया के दोषियों की फांसी पर लटकाने में देर नहीं होनी चाहिए। दिल्ली के उपराज्यपाल मुझे मौका दें। उन हैवानों को फांसी देने के लिए मैं तैयार हूं। निर्भया के न्याय के लिए लड़ने वाली मेरी लंबी लड़ाई का यह सुखद अंत होगा।'

    'LG, पुलिस कमिश्नर और तिहाड़ जेल डीजी को लिखी चिट्ठी'

    'LG, पुलिस कमिश्नर और तिहाड़ जेल डीजी को लिखी चिट्ठी'

    'पीपुल्स अगेंस्ट रेप इन इंडिया' (परी) अभियान चलाने वालीं योगिता भयाना ने एक अन्य ट्वीट में कहा, 'मैंने दिल्ली के उपराज्यपाल, दिल्ली पुलिस के कमिश्नर और तिहाड़ जेल के डीजी को पत्र के माध्यम से भी आग्रह किया है। मुझे मौका मिले निर्भया के दोषियों को फांसी पर चढ़ाने का, बिना किसी शर्त के, जो हमने निर्भया के इंसाफ की लड़ाई लड़ी, उसका अंत दोषियो की सजा सिर्फ मौत है, बिना किसी देरी उनको अब फांसी पर चढ़ाया जाए।' इससे पहले शिमला के भी एक शख्स ने कहा कि निर्भया के दोषियों को फांसी देने के लिए वो जल्लाद बनने को तैयार है।

    फांसी के लिए तिहाड़ जेल में नहीं है जल्लाद

    आपको बता दें कि मंगलवार को खबर आई थी कि तिहाड़ जेल प्रशासन इस बात को लेकर परेशान है कि फांसी देने के लिए इस समय उनके पास कोई जल्लाद नहीं है। तिहाड़ जेल के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि एक महीने के भीतर निर्भया के दोषियों के लिए कभी भी फांसी की तारीख आ सकती है, ऐसे में जेल अधिकारी फांसी के इंतजाम पूरे रखने को लेकर अपने सभी विकल्पों की जांच कर रहे हैं। दोषियों की फांसी को मंजूरी देने के लिए कोर्ट ब्लैक वारंट जारी करेगा, जिसके बाद किसी भी दिन उन्हें फांसी पर लटकाया जा सकता है। राष्ट्रपति की तरफ से निर्भया के दोषियों की दया याचिका खारिज होने के बाद उनकी फांसी की तारीख तय की जाएगी।

    यूपी के गांवों में भी जल्लाद की तलाश

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    इससे पहले तिहाड़ जेल में संसद पर हमले के दोषी अफजल गुरु को फांसी दी गई थी। अफजल को फांसी दिए जाने के दौरान तिहाड़ की सुरक्षा बेहद सख्त कर दी गई थी। उस वक्त भी तिहाड़ में जल्लाद नहीं था और अफजल को फांसी देने के लिए जेल के ही एक कर्मचारी ने लीवर खींचने में अपनी सहमति दी थी। अब निर्भया के दोषियों की फांसी नजदीक आते देख तिहाड़ जेल के अधिकारियों ने अनौपचारिक तौर पर अन्य जेलों से जल्लाद को लेकर संपर्क साधना शुरू कर दिया है। तिहाड़ के अधिकारी यूपी के कुछ गांवों में भी संपर्क साध रहे हैं, ताकि पता चल सके कि आखिरी जल्लाद किस गांव से था।

    ब्लैक वारंट जारी होते ही दे दी जाएगी फांसी

    ब्लैक वारंट जारी होते ही दे दी जाएगी फांसी

    गौरतलब है कि निर्भया के दोषियों में से केवल एक दोषी विनय शर्मा ने राष्ट्रपति के समक्ष दया याचिका दाखिल की है। अन्य दोषियों- मुकेश, पवन और अक्षय ने तिहाड़ प्रशासन की तरफ से एक सप्ताह का समय दिए जाने के बावजूद दया याचिका दाखिल नहीं की है। तिहाड़ जेल प्रशासन ने इस याचिका को दिल्ली सरकार को भेज दिया है, जहां से इसे एलजी के पास भेजा जाएगा। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, 'एलजी इस फाइल को गृह मंत्रालय के पास भेजेंगे और मंत्रालय इसे राष्ट्रपति के समक्ष पेश करेगा। इसके बाद राष्ट्रपति के फैसले की जानकारी तिहाड़ जेल को दी जाएगी। अगर राष्ट्रपति की तरफ से याचिका खारिज होती है तो जेल प्रशासन ब्लैक वारंट जारी कराने के लिए कोर्ट जाएगा। ब्लैक वारंट जारी होने के बाद जेल अधिकारी दोषियों और उनके परिजनों को फांसी के बारे में जानकारी दे देंगे।

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