26 जनवरी हिंसा: दिल्ली पुलिस का बयान, ट्रैक्टर रैली के नाम पर किसानों ने हमें धोखा दिया
नई दिल्ली। Republic Day Violence देश की राजधानी दिल्ली में 26 जनवरी के दिन हुई हिंसा को लेकर दिल्ली पुलिस की जांच अभी भी चल रही है। इस बीच शुक्रवार को दिल्ली पुलिस कमिश्नर एसएन श्रीवास्तव ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अभी तक की जांच से मीडिया को अवगत कराया। इस दौरान पुलिस कमिश्नर ने बताया कि गणतंत्र दिवस के दिन हुई हिंसा को हम खुफिया तौर पर विफलता नहीं मानते, क्योंकि पुलिस को किसानों की ट्रैक्टर रैली के दौरान कुछ ना कुछ गड़बड़ होने के संकेत जरूर मिले थे। आपको बता दें कि गणतंत्र दिवस के दिन किसानों की ट्रैक्टर रैली ने हिंसक रूप धारण कर लिया था। प्रदर्शनकारी दिल्ली के अंदर घुस गए थे और आईटीओ चौक और लाल किला में जमकर तोड़फोड़ की थी।

तय रूट पर किसानों ने नहीं निकाली थी ट्रैक्टर रैली- दिल्ली पुलिस
पुलिस कमिश्नर एसएन श्रीवास्तव ने आगे बताया कि हमने किसानों को कुछ शर्तों और नियमों के साथ ट्रैक्टर रैली को करने की अनुमति दी थी, लेकिन किसानों ने पहले से तय रूट पर रैली नहीं निकाली। ऐसे में किसानों ने हमें धोखा दिया है। कमिश्नर ने कहा कि हिंसा के दौरान पुलिस ने अपने कर्तव्यों और अपनी ड्यूटी को बहुत अच्छे से नियमों के अंतर्गत रहकर निभाया था।
हिंसा में 53 लोगों की हुई थी मौत
दिल्ली पुलिस कमिश्नर ने कहा कि ट्रैक्टर रैली के दिन जो हुआ, वो सभी ने देखा था। उस हिंसा में 53 मौतें हुई थी और 581 लोगों को गंभीर चोटें आई थी। उस हिंसा को लेकर 755 FIR दर्ज की गई हैं। अभी इस मामले में 3 एसआईटी गठित की गई हैं। इसके अलावा स्पेशल सेल भी मामले की जांच कर रही है। एसएन श्रीवास्तव ने बताया कि अभी तक हिंसा के मामले में 152 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। हालांकि अभी भी कई आरोपी ऐसे हैं, जो जांच में शामिल नहीं होना चाहते। दिल्ली पुलिस ने किसान संगठनों के नेताओं को नोटिस भी भेजा है। आपको बता दें कि हाल ही में हिंसा का मुख्य आरोपी दीप सिद्धू भी पुलिस के हत्थे चढ़ गया था।












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