ना कांग्रेस, ना सपा-सुदर्शन रेड्डी को उपराष्ट्रपति उम्मीदवार बनाने के पीछे इस महिला नेता का दिमाग
B. Sudershan Reddy (Vice President candidate): देश में उपराष्ट्रपति चुनाव की सरगर्मी तेज हो चुकी है। विपक्षी I.N.D.I.A गठबंधन ने मंगलवार (19 अगस्त) को बड़ा ऐलान करते हुए सुप्रीम कोर्ट के रिटायर जस्टिस बी. सुदर्शन रेड्डी को अपना उम्मीदवार घोषित किया। उनका सीधा मुकाबला होगा एनडीए के उम्मीदवार सी.पी. राधाकृष्णन से।
79 वर्षीय सुदर्शन रेड्डी गुवाहाटी हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस रह चुके हैं और गोवा के पहले लोकायुक्त भी। 2007 में सुप्रीम कोर्ट जज नियुक्त किए गए थे। दिलचस्प बात यह है कि इस बार दोनों ही उम्मीदवार दक्षिण भारत से हैं - रेड्डी आंध्र प्रदेश से और राधाकृष्णन तमिलनाडु से। दोनों 21 अगस्त को नामांकन दाखिल करेंगे।

ममता बनर्जी की पार्टी TMC ने सुझाया था सुदर्शन रेड्डी का नाम!
लेकिन सबसे बड़ा ट्विस्ट यहां है! उपराष्ट्रपति चुनाव में रेड्डी का नाम कांग्रेस या समाजवादी पार्टी ने नहीं, बल्कि ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने आगे बढ़ाया। ममता बनर्जी की पार्टी ने बैठक में कहा था कि हमें सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज बी. सुदर्शन रेड्डी के नाम पर विचार करना चाहिए।
दरअसल, टीएमसी का मानना था कि गठबंधन को ऐसा उम्मीदवार चाहिए जो राजनीति से दूर हो और बीजेपी-आरएसएस की विचारधारा को वैचारिक चुनौती दे सके। पार्टी ने साफ कहा - यह चुनाव सिर्फ एक पद की लड़ाई नहीं बल्कि संविधान और "आइडिया ऑफ इंडिया" को बचाने की जंग है।
INDIA ब्लॉक में इस वक्त देश की कई बड़ी विपक्षी पार्टियां शामिल हैं। इस ब्लॉक में कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, डीएमके, शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे गुट), राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी), राष्ट्रीय जनता दल (RJD), झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM), आम आदमी पार्टी (AAP) और इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) शामिल हैं।
संसद में NDA का पलड़ा भारी, सीपी राधाकृष्णन का पक्ष ज्यादा मजबूत
मौजूदा हालात सीपी राधाकृष्णन के पक्ष में दिख रहे हैं, क्योंकि भाजपा नेतृत्व वाले एनडीए के पास कुल 422 सांसद हैं, जिनमें नामित सदस्य भी शामिल हैं और माना जा रहा है कि वे भी एनडीए उम्मीदवार का समर्थन करेंगे। एनडीए की ताकत में लोकसभा के 542 सदस्यों में से 293 सांसद और राज्यसभा के 129 सांसद शामिल हैं, जहां फिलहाल सदन की प्रभावी संख्या 245 है।
विपक्ष के लिए यह चुनाव महज एक प्रतीकात्मक मुकाबला बनकर रह गया है, जैसा कि 2017 और 2022 के उपराष्ट्रपति चुनावों में हुआ था, क्योंकि उनके पास जरूरी संख्या नहीं है।
टीएमसी सांसद डेरेक ओ'ब्रायन ने कहा कि विपक्ष की सभी पार्टियां, जिनमें आम आदमी पार्टी (AAP) भी शामिल है, सुदर्शन रेड्डी की उम्मीदवारी के समर्थन में एकजुट हैं।
INDIA ब्लॉक की मौजूदा ताकत करीब 300 सांसदों की है। इंडिया ब्लॉक अब जगन मोहन रेड्डी की वाईएसआर कांग्रेस पार्टी से भी संपर्क साधने की योजना बना रहा है, जिसके पास 11 सांसद हैं। इसी तरह नवीन पटनायक की बीजू जनता दल (BJD), जिसके 7 राज्यसभा सांसद हैं और जिसने पहले संसद में बीजेपी का समर्थन किया है, ने अभी तक यह तय नहीं किया है कि वह किसका साथ देगा।
हालांकि, अगर विपक्ष जगन रेड्डी और नवीन पटनायक दोनों को अपने पक्ष में करने में सफल भी हो जाता है, तब भी गैप बहुत बड़ा रह जाएगा, जिसे पाटा नहीं जा सकता।
इसलिए, भारत के अगले उपराष्ट्रपति के रूप में सीपी राधाकृष्णन का चुना जाना लगभग तय माना जा रहा है -जब तक कि कोई अप्रत्याशित परिस्थिति न बन जाए, जिसमें बीजेपी के कुछ सहयोगी INDIA ब्लॉक के साथ चले जाएं। लेकिन ऐसा होना बेहद असंभव माना जा रहा है।
कब होगा उपराष्ट्रपति चुनाव?
उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए 9 सितंबर को वोटिंग होगी और उसी दिन नतीजे भी आ जाएंगे। नामांकन की आखिरी तारीख 21 अगस्त है, जबकि 25 अगस्त तक नाम वापस लिया जा सकता है। यह चुनाव मौजूदा उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के अचानक इस्तीफे के बाद हो रहा है, जिन्होंने अपना पद 21 जुलाई की रात छोड़ दिया। उनका कार्यकाल 2027 तक होना था।












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