Cyclone Yaas के कारण लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन की कोई कमी नहीं होगी-धर्मेंद्र प्रधान
नई दिल्ली, 24 मई। चक्रवाती तूफान 'यास' ने विकराल रूप धारण कर लिया है। IMD भुवनेश्वर के वरिष्ठ वैज्ञानिक उमाशंकर दास ने कहा कि '25 मई को तूफान पाराद्वीप और सागर द्वीप को छू सकता है और यह 26 मई की शाम तक बंगाल-ओडिशा तट से गुजरते हुए बांग्लादेश की ओर रुख करेगा, इस दौरान भारी से अति भारी बारिश होने की आशंका है।' देश के 5 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी है तो वहीं चक्रवात को लेकर केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने बड़ी बात कही है।

उन्होंने कहा कि 'यास' के कारण लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन की कोई कमी नहीं होगी, साइक्लोन सिर्फ बिजली आपूर्ति ही प्रभावित कर सकता है लेकिन कोरोना वायरस के संक्रमित लोगों का इलाज इससे प्रभावित नहीं होगा। मालूम हो कि 'यास' को लेकर केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल, धर्मेंद्र प्रधान और मनसुख मंडविया ने आज एक हाईलेवल मीटिंग भी की है, जिसमें तूफान से निपटने के तरीकों पर विस्तृत रूप से चर्चा की गई है।

इस मीटिंग में फैसला लिया है कि 'पूर्वी तटों पर चल रहे मेडिकल ऑक्सीजन के प्लांट पूरी सुरक्षा व्यवस्था के साथ काम करेंगे और इसे तूफान से प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा।' गौरतलब है कि इससे पहले ओडिशा, आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्रियों और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह के उपराज्यपाल के साथ होम मिनिस्टर अमित शाह ने भी वीडियो कांफ्रेंसिंग समीक्षा बैठक की थी।
रैपिड एक्शन फोर्स की 60 टीमों की तैनाती की गई
बता दें कि 'यास' के मद्देनजर ओडिशा डिजास्टर रैपिड एक्शन फोर्स की 60 टीमों की तैनाती की गई है। साथ ही ओडिशा, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, झारखंड, बिहार, असम, मेघालय, अंडमान और निकोबार में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।
'चक्रवात' किसे कहते हैं
मालूम हो कि दरअसल लो एयर प्रेशर की वजह से वायुमंडल में व्याप्त गर्म हवा तेज आंधी में तब्दील हो जाती है, जिसे कि 'चक्रवात' कहा जाता है। ये काफी भयंकर होते हैं। ये जब आते हैं तो काफी बारिश होती है और तेज हवाएं चलती हैं।












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