टूटी सड़क के चलते एंबुलेंस भेजने से मना किया, गर्भवती को बांस पर लटकाकर अस्पताल ले गए गांव वाले
नई दिल्ली। आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम में एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने चिकित्सा प्रणाली की कलई खोल दी है। यहां एक गर्भवती महिला को चादर के स्ट्रेचर में 6 किलोमीटर ढोकर अस्पताल पहुंचाना पड़ा। वह भी इसलिए, क्योंकि सड़क खराब होने का हवाला देकर एंबुलेंस भेजे जाने से इनकार कर दिया गया था। एएनआई के मुताबिक, विशाखापट्टनम के अनुकु गांव के निवासियों ने बांस के डंडे और बिस्तर के चादर की मदद से छह किलोमीटर तक एक गर्भवती महिला को ले गए।

कोटाउरतला गांव की रहने वाली पीड़िता के परिजनों ने बताया कि शुक्रवार को उसे प्रसव पीड़ा उठी तो उन्होंने 108 नंबर डायल कर एंबुलेंस भेजने का अनुरोध किया। लेकिन अस्पताल ने खराब सड़क का हवाला देते हुए एंबुलेंस भेजने से इनकार कर दिया। गांव से अस्पताल सड़क मार्ग से 10 किलोमीटर दूर है। परिजनों ने बताया कि उन्हें गर्भवती महिला को उठाकर करीब 6 किलोमीटर पैदल चलना पड़ा। गनीमत रही कि शेष चार किलोमीटर के लिए उन्हें ऑटो रिक्शा मिला, जिसमें शेष 4 किलोमीटर की दूरी तय की गई।
बता दें कि यह पहला मामला नहीं है जब किसी गर्भवती को बांस पर लटकाकर अस्पताल ले जाया गया है, इससे पहले ओडिशा के कालाहांडी जिले से भी ऐसा ही मामला सामने आया था। यहां एंबुलेंस चालक कै रवैये के कारण गर्भवती महिला के घरवाले 16 किलोमीटर तक बांस पर लटकाकर ले गए थे।












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