NGT का आदेश, अब दिल्ली में नयी डीजल गाड़ियां का नहीं होगा रजिस्ट्रेशन
नयी दिल्ली (ब्यूरो)। देश की राजधानी दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए शुक्रवार को नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने आदेश दिया है कि अब से दिल्ली में नई डीजल गाड़ियों का रजिस्ट्रेशन नहीं किया जाएगा। इसी के साथ ही साथ एनजीटी ने यह केजरीवाल सरकार के सम-विषम फॉर्मूला पर भी सवालिया निशान उठाया है और इसे सिरे से बेकार बताते हुए कहा है कि इससे लोगों में दो गाडि़यों का चलन बढ़ेगा।
एनजीटी ने कहा है कि दिल्ली में किसी भी नई डीजल गाड़ी का रजिस्ट्रेशन न हो। 10 साल पुरानी डीजल गाड़ियों का रजिस्ट्रेशन रिन्यू भी न किया जाए। वहीं केंद्र और दिल्ली सरकार अपने डिपार्टमेंट्स के लिए भी डीजल गाड़ियां न खरीदें। तो आईए बिस्तार से इस पूरे मसले पर चर्चा करते हैं कि एनजीटी किस प्वाइंट को लेकर सम-विषम फॉर्मूला पर सवाल उठाया है। सबसे पहले आपको बता दें कि एनजीटी ने क्या-क्या कहा है।

डीजल गाडि़यां हैं पॉल्यूशन का सबसे बड़ा कारण
दिल्ली में पॉल्यूशन का सबसे बड़ा कारण डीजल गाड़ियां ही हैं। दिल्ली में नई डीजल गाड़ी का रजिस्ट्रेशन नहीं करने का आदेश सरकारी डिपार्टमेंट्स से शुरू होगा। प्राइवेट व्हीकल्स के मामले में यह शुरुआती तौर पर हमारा सुझाव है।

सम-विषम फॉमूला से बढ़ेगा 2 गाडियों का चलन
दिल्ली में ऑल्टरनेट डे पर ऑड और ईवन नंबर की गाड़ी चलाए जाने के सरकार के फैसले पर एनजीटी ने सवाल उठाए हैं। एनजीटी का कहना है कि यह फॉर्मूला अपने मकसद में कामयाब नहीं हो पाएगा। इससे पॉल्यूशन कम होने की संभावना कम है। इसके साथ ही एनजीटी का यह भी कहना है कि इस फार्मूले के मुताबिक तो लोग दो कारें खरीदने लग जाएंगे।

15 दिसंबर को SC करेगा फैसला
सुप्रीम कोर्ट भी इस मामले की सुनवाई करने के लिए राजी हो गया है। पॉल्यूशन कंट्रोल करने के मामले में दिल्ली में डीजल कार के इस्तेमाल पर कंप्लीट बैन लगाए जाने के लिए पिटीशन दाखिल की गई है। इस पर सुप्रीम कोर्ट में 15 दिसंबर को सुनवाई होगी।

क्या है सम-विषम फॉर्मूला
दिल्ली सरकार के फैसले के मुताबिक 0, 2, 4, 6 ,8 (ईवन नंबर्स) से खत्म होने वाले नंबरों वाली गाड़ियां एक दिन और 1, 3, 5, 7, 9 (ऑड नंबर्स) से खत्म होने वाले नंबर वाली गाड़ियां दूसरे दिन चलेंगी।












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