देश के इस शहर में नहीं बजाता कोई हॉर्न, लेकिन क्यों?

मिजोरम की राजधानी आईजोल देश का वो पहला शहर है जहां कोई हॉर्न नहीं बजाता। करीब साढ़े तीन लाख की आबादी वाले इस शहर में 1.25 लाख गाड़ियां रजिस्टर्ड हैं। शहर में इस काम का श्रेय यहां की जनता को जाता है। कई बार 15 किलोमीटर के शहर में एक छोर से दूसरे छोर तक जाने में कम से कम 1 से 2 घंटे लगते हैं। लेकिन यहां कोई हॉर्न नहीं बजाता। समाचार चैनल NDTV के अनुसार स्थानीय निवासी रॉबर्ट ने बताया कि हॉर्न बजाना किसी समस्या का हल नहीं है।रॉबर्ट ने कहा कि यहां लोग विनम्र और अनुशासित हैं। अगर कोई ट्रैफिक जाम होता है तो हमें पता चलता है कि कुछ समस्या है, ऐसे में हॉर्न बजाना कोई समाधान नहीं है। लेकिन यातायात अनुशासन बनाए रखना मिजोरम के लिए एक सामाजिक आदर्श है। सरकार अब नए नियमों भी ला रही है।

no honking city Aizawl of mizoram

मिजोरम के मुख्यमंत्री लाल थानावाला ने कहा कि हम शोर मचाने वाले बाईकर्स को अनुमति नहीं देते हैं, हम हॉर्न बजाने की की अनुमति नहीं देते हैं। चूंकि सड़कों संकीर्ण हैं और पैदल चलने वालों को डर लगता है। हमने ऑड इवन फार्मूले का प्रयोग किया और यह सफल रहा।

50 प्रतिशत से अधिक शहरीकरण दर के साथ, आईजोल की आबादी बढ़ रही है, अधिक वाहनों और सड़कों के विस्तार के लिए कोई जगह नहीं है, इसलिए कुछ कड़े नियम हैं। कोई भी वाहन तब तक पंजीकृत नहीं हो सकता जब तक कि इसके लिए गेराज के मालिक होने के दस्तावेज न दिखाएं जाएं।

आईजोल में इस महीने से, उन सरकारी गाड़ियों सहित सभी वाहनों को अपने नंबर प्लेट पर पिछले अंक के आधार पर एक महीने में तीन बार ही रोड पर आ सकेंगे। अगर किसी के गाड़ी का आखिरी नंबर 1 है, तो वो वाहन महीने की 1, 11 वीं और 21 वीं तारीख को सड़क पर नहीं आएगा।

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