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#NoConfidenceMotion: राफेल डील के सीक्रेसी पैक्‍ट पर क्‍या कहा था फ्रांस के राष्‍ट्रपति इमैनुलएल मैंक्रो ने, जानिए राहुल गांधी के दावों की सच्‍चाई!

By Richa B
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    नई दिल्‍ली। लोकसभा में इस समय अविश्‍वास प्रस्‍ताव पर चर्चा हो रही है। इस चर्चा के दौरान कांग्रेस के अध्‍यक्ष राहुल गांधी ने भी भाषण दिया। राहुल ने अपने भाषण में एक बार फिर से फ्रांस के साथ हुई राफेल फाइटर जेट की डील का मुद्दा उठा दिया। राहुल ने इस डील के साथ ही एक बार फिर से उस सीक्रेट पैक्‍ट का जिक्र छेड़ दिया जिसके तहत डील से जुड़ी कोई भी जानकारी सार्वजनिक नहीं की जा सकती है। भारत ने फ्रांस के साथ राफेल जेट की डील यूपीए के कार्यकाल में ही की थी। 36 फाइटर जेट्स के लिए अब इस डील की कीमत करीब 1600 करोड़ बताई जा रही है। राहुल ने संसद में फ्रांस के राष्‍ट्रपति इमैनुएम मैंक्रो का भी जिक्र कर दिया। इस वर्ष मार्च में फ्रेंच राष्‍ट्रपति मैंक्रो भारत की यात्रा पर आए थे और दिल्‍ली पहुंचने से पहले उन्‍होंने एक खास इंटरव्‍यू में राफेल डील के बारे में बात की थी।

    क्‍या कहा राहुल गांधी ने

    क्‍या कहा राहुल गांधी ने

    राहुल गांधी ने शुक्रवार को लोकसभा में कहा कि जिस समय इमैनुएल मैंक्रो भारत की यात्रा पर आए थे, उन्‍होंने उनसे इस डील पर बात की थी। राहुल के मुताबिक मैंक्रो ने उनको बताया कि सरकार अगर चाहे तो डील से जुड़ी बातें सावर्जनिक कर सकती है। राहुल ने कहा मैंक्रो ने उन्‍हें साफ-साफ कहा था कि ऐसा कोई भी पैक्‍ट नहीं है कि डील की बातें सार्वजनिक न की जा सकें। इसके साथ ही कांग्रेस अध्‍यक्ष ने रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण पर भी बड़ा आरोप लगा दिया कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दबाव में डील को लेकर झूठ बोल रही हैं।

    क्‍या कहा था मैंक्रो ने

    क्‍या कहा था मैंक्रो ने

    फ्रांस के राष्‍ट्रपति मैंक्रो जब भारत आने वाले थे तो उन्‍होंने इंडिया टुडे को एक खास इंटरव्‍यू दिया था। मैंक्रो ने उस इंटरव्‍यू में कहा था कि अगर मोदी सरकार चाहे तो वह डील के तहत हुए 'सीक्रेसी क्‍लॉज' के तहत कुछ संवेदनशील जानकारियों को साझा करना चाहे तो कर सकती है, फ्रांस इसका विरोध नहीं करेगा। इसके बाद उन्‍होंने यह भी कहा था, 'जब डील के साथ बहुत ही संवेदनशील बिजनेस हित जुड़े होते हैं, ऐसे में इस तरह के समझौते से जुड़ी कोई भी जानकारी देना वांछनीय नहीं है।' मैंक्रो ने कहा था कि किसी भी व्‍यावसायिक समझौते के तहत प्रतिद्वंदी कंपनियों को इसके बारे में पता नहीं लगना चाहिए क्‍योंकि ऐसे में वह कंपनी के हितों को नुकसान पहुंचा सकती है ऐसे में सीक्रेसी उचित है।

    और क्‍या बोले मैंक्रो

    और क्‍या बोले मैंक्रो

    मैंक्रो ने उस समय कहा था कि राफेल डील को भारत और फ्रांस के आर्थिक, औद्योगिक और रणनीति हितों को ध्‍यान में रखकर साइन किया गया था। मैंक्रो ने यह भी कहा कि यह डील उनके कार्यकाल में साइन नहीं हुई थी लेकिन इसे एक अच्‍छे माहौल में साइन किया गया था। मैंक्रो की मानें तो डील दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग के क्षेत्र में 'विस्‍तृत समझौता' है। भारत और फ्रांस के बीच यह डील साल 2011-2012 में साइन हुई थी।

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    English summary
    In an exclusive interview French President Emmanuel Macron actually talked about Rafale deal France signed with India.

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