'चेहरा बचाने के लिए नाक कटवाने में माहिर': अविश्वास प्रस्ताव पर BJD के पिनाकी मिश्रा ने कांग्रेस को खूब सुनाया
लोकसभा में मंगलवार को मोदी सरकार के खिलाफ विपक्ष की ओर से लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा शुरू हुई। इस दौरान बीजू जनता दल के सांसद पिनाकी मिश्रा ने सदन को बताया कि उनकी पार्टी विपक्ष में रहते हुए भी इस विधेयक का विरोध क्यों कर रही है।
इस दौरान बीजेडी सांसद ने कांग्रेस पार्टी को जमकर निशाना बनाया और कहा कि जीती हुई बाजी हारने में वह पारंगत हो गई है। उन्होंने कहा है कि बीजेडी इस बिल का इसलिए विरोध कर रही है, क्योंकि केंद्र सरकार ने ओडिशा के लिए काफी काम किए हैं।

कांग्रेस जीत के मुंह में से हार छीन लेने में माहिर है- पिनाकी मिश्रा
बीजेडी एमपी ने अविश्वास प्रस्ताव पेश किए जाने के लॉजिक पर ही सवाल खड़ा कर दिया है। उन्होंने कहा है कि कांग्रेस पार्टी 'जीत के मुंह में से हार छीन लेने में माहिर है।' वे बोले, 'आज मैं केंद्र सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का समर्थन नहीं कर सकता, जबकि एक राजनीतिक दल के रूप में हम बीजेपी के खिलाफ हैं।'
ओडिशा में काम के लिए केंद्र का आभारी- बीजेडी सांसद
उन्होंने कहा, 'केंद्र सरकार ने ओडिशा के लिए जो कई काम किए हैं, उसके लिए मैं आभारी हूं.... यही वजह है कि किसी भी स्थिति में, आज कांग्रेस पार्टी की ओर से लाए गए अविश्वास प्रस्ताव का समर्थन करने में मैं अपनी पार्टी और नेता की ओर से खुद को असमर्थ समझता हूं। '
दरअसल, विपक्षी दलों के इंडियन नेशनल डेवलपमेंट इंक्लूसिव अलायंस (इंडिया) ने मणिपुर हिंसा पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सदन में बयान देने पर बाध्य करने के लिए यह अविश्वास प्रस्ताव लाया है। इसपर तंज कसते हुए ओडिशा के सीएम नवीन पटनायक की पार्टी के सांसद पिनाकी मिश्रा ने कहा, 'मेरा ये पूरा विश्वास है कि कांग्रेस पार्टी जीत के मुंह में से हार छीन लेने में माहिर है।'
'वे अपना चेहरा बचाने के लिए नाक कटवाने में भी बहुत माहिर है'
इतना ही नहीं, उन्होंने कांग्रेस पर यह कहकर कटाक्ष किया कि 'वे अपना चेहरा बचाने के लिए नाक कटवाने में भी बहुत माहिर है....' इसकी वजह बताते हुए उन्होंने अपनी ओर से यह स्पष्ट किया कि 'वे जानते हैं कि हर बार इस सदन के फ्लोर पर जब वे (पीएम मोदी) बोलने के लिए उठते हैं तो वे कांग्रेस पार्टी की मिट्टी पलीद कर देते हैं......मुझे विश्वास है कि गुरुवार को जब वे बोलेंगे तो ऐसा ही होगा....'
उनके मुताबिक 'यह (अविश्वास प्रस्ताव) सामान्य ज्ञान, तर्क, राजनीतिक समझ को खारिज करता है..... इस देश के लोग तय करेंगे कि प्रधानमंत्री का न बोलना सही था या गलत।' उन्होंने यह भी कहा कि जब अविश्वास प्रस्ताव का गिरना तय है, फिर सदन का समय बर्बाद करने का क्या मतलब है।
कांग्रेस पार्टी का आरोप है कि मणिपुर जातीय हिंसा और चीनी घुसपैठ पर पीएम मोदी ने 'मौन व्रत' धारण कर रखा है। पार्टी का कहना है कि विपक्षी दलों को इसलिए सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने को मजबूर होना पड़ा है, ताकि वे बोलें।
कांग्रेस की ओर से बहस की शुरुआत करते हुए पार्टी सांसद गौरव गोगोई ने मणिपुर पर आधारित तीन सवाल दागे। प्रधानमंत्री मणिपुर क्यों नहीं गए, राज्य पर चुप्पी तोड़ने में 80 दिन क्यों लग गए और उन्होंने मुख्यमंत्री को बर्खास्त क्यों नहीं किया।












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