नित्यानंद राय बोले- CAA का विरोध करने वालों को दलित विरोधी घोषित कर देना चाहिए क्योंकि...
नई दिल्ली। नागरिकता संशोधन कानून का विरोध लगातार जारी है। यूपी, बिहार, दिल्ली, पश्चिम बंगाल, कर्नाटक के अलावा पूर्वोत्तर के राज्यों में इस संशोधित कानून का जमकर विरोध हो रहा है। इस कानून में पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान के प्रताड़ित धार्मिक अल्पसंख्यकों को नागरिकता देने का प्रावधान है। इसमें मुस्लिमों को शामिल ना किए जाने को लेकर विरोध हो रहा है। वहीं, CAA के खिलाफ हो रहे विरोध प्रदर्शन पर केंद्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय का बयान आया है।

ज्यादातर शरणार्थी दलित और ओबीसी वर्ग से हैं- नित्यानंद राय
नित्यानंद राय ने कहा कि पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान में उत्पीड़न के कारण आने वाले शरणार्थियों में से ज्यादातर ओबीसी और दलित वर्ग से हैं। उन्हें सम्मान देने के लिए ही पीएम मोदी नागरिकता संशोधन कानून लेकर आए हैं। नित्यानंद राय ने कहा कि अगर कोई सीएए का विरोध करता है तो उसे दलित विरोधी और ओबीसी विरोधी घोषित कर देना चाहिए। नित्यानंद राय ने कहा कि सीएए का विरोध ओबीसी पर हमला है।
सीएए का विरोध ओबीसी पर हमला- राय
इसके पहले, नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ हो रहे प्रदर्शन पर गृहमंत्री अमित शाह ने बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि लोगों के बीच इस कानून को लेकर गलत बातें बताई जा रही हैं, भ्रम फैलाया जा रहा है। अमित शाह ने कांग्रेस सहित विपक्षी दलों पर निशाना साधा और कहा कि अगर ये सभी दल एक साथ आ जाएं तो भी भाजपा नागरिकता संशोधन कानून के मुद्दे पर एक इंच भी पीछे नहीं हटेगी। आप चाहें जितनी अफवाह फैला लें।

अमित शाह ने साधा था विपक्ष पर निशाना
वहीं, उन्होंने इस एक्ट को लेकर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए शाह ने कहा, 'आपने (राहुल गांधी) कानून पढ़ा है तो कहीं पर भी चर्चा करने के लिए आ जाओ। नहीं पढ़ा है तो मैं इटैलियन में इसका अनुवाद करके भेज देता हूं, उसको पढ़ लीजिए। अमित शाह ने कहा कि उनकी पार्टी लोगों के घर-घर जाकर नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ फैलाए जा रहे झूठ के बारे में बताएगी। शाह ने कहा कि इस कानून में किसी की नागरिकता छीनने का प्रावधान नहीं है लेकिन इसके बारे में गलत बातें फैलाई जा रही हैं।












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