भाजपा की सहयोगी जदयू का राम मंदिर पर अध्यादेश को समर्थन से इनकार
नई दिल्ली। केंद्र और बिहार में भाजपा की सहयोगी जदयू ने कहा है कि केंद्र सरकार अगर अयोध्या में राम मंदिर बनाए जाने को लेकर अध्यादेश लेकर आती है, तो वो इसका समर्थन नहीं करेगी। शुक्रवार को जेडीयू के राष्ट्रीय संगठन महासचिव आरसीपी सिंह ने इसकी जानकारी दी है। पार्टी नेता प्रशांत किशोर ने भी भाजपा को मंदिर की राजनीति ना करने को कहा है।

मंदिर मुद्दे पर हमारा स्टैंड साफ
शुक्रवार को जयदू नेता आरसीपी सिंह ने मीडिया से बातचीत में कहा कि हमारा भाजपा से गठबंधन दो दशक पुराना रहा है। मंदिर मुद्दे पर हमेशा से ही हमारा एक अपना रुख रहा है। हमारा स्टैंड है कि इस मुद्दे पर कोर्ट का फैसला ही सबको मानना चाहिए। सिंह ने कहा कि कोर्ट या आपसी सहमति के अलावा किसी तीसरे हल का हम समर्थन नहीं करेंगे।

भाजपा की लोकप्रियता गिर रही है: प्रशांत किशोर
जेडीयू के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रशांत किशोर ने कहा है कि भाजपा मंदिर मुद्दे को उठाए बिना चुनाव जीत जाएगी, हां उनकी लोकप्रियता 2014 के बाद से काफी गिरी है। बीते कुछ समय से भाजपा मंदिर मामले को लगातार उठा रही है और हिन्दुत्व के मुद्दे पर आक्रामक है। ऐसे में माना जा रहा है कि जदयू का बयान भाजपा के लिए इशारा है कि वो सहयोगियों का ध्यान रखते हुए रुख थोड़ा नरम रखे।

भाजपा नेता कर रहे अध्यादेश की मांग
बीते कुछ महीनों में भाजपा, आरएसएस और उनसे जुड़े दूसरे संगठन लगातार इस बात की मांग कर रहे हैं कि अयोध्या में राम मंदिर को बनाया जाए। क्योंकि मामला कोर्ट में लंबित है और वहां कोई निर्माण नहीं हो सकता इसलिए संसद में कानून बनाया जाए। बता दें कि अयोध्या में बाबरी मस्जिद, राम मंदिर मामले में भूमि बंटवारे का विवाद सुप्रीम कोर्ट में चल रहा है।












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