गडकरी को 'अध्यक्ष पद' की गद्दी नहीं कुछ और चाहिए

यहां मीडिया से बातचीत के दौरान गडकरी ने कहा कि केंद्र में सरकार परिवर्तन के बाद भी राजनाथ ही अध्यक्ष पद का कार्यभार संभालेंगे। आयकर विभाग से क्लीन चीट पा चुके गडकरी ने कहा कि मैंने कभी इस बारे में नहीं सोचा और न ही मैं इसकी अपेक्षा रखता हूं। मेरा पार्टी में क्या रोल होगा यह पार्टी तय करेगी। साथ ही उन्होंने कहा कि राजनाथ और नरेंद्र मोदी के अगुवाई में पार्टी सरकार बनाएगी।
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पार्टी प्रवक्ता के संबंध में सवाल पूछे जाने पर गडकरी ने कहा कि लालकृष्ण आडवाणी और अटल बिहारी वाजपेयी पार्टी के मार्गदर्शक हैं। अगर ये मुझे कोई भी कार्य देंगे तो मैं उसे स्वीकार जरूर करुंगा। एनडीए के गठबंधन पर जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि पार्टी पूर्ण बहुमत के साथ केंद्र में सरकार बनाएगी।
यदि इसके बाद भी कोई पार्टी समर्थन देना चाहती है तो पार्टी में उसके लिए दरवाजे हमेशा खुले रहेंगे। हम खुली सोच रखते हैं। हमारी पार्टी मां-बेटे या बाप-बेटे की पार्टी नहीं है। आज हमारी पार्टी में कोई मतभेद नहीं है। एक बार फिर अध्यक्ष पद के मसले को दोहराते हुए उन्होंने कहा कि राजनाथ पार्टी अध्यक्ष बने रहेंगे।
गौरतलब है कि आज दिल्ली में नितिन गडकरी ने लाल कृष्ण आडवाणी से उनके आवास पर मुलाकात की थी। मुलाकात के बाद गडकरी ने अध्यक्ष पद पर अपनी सफाई पेश की। बीते दिनों गडकरी पर कोई भी केस लंबित न होने पर जानकारी सार्वजनिक हुई थी, जिसके बाद माना जाने लगा था कि बीजेपी का नया अध्यक्ष नितिन गडकरी को बनाया जा सकता है।












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