दिल्ली में रहना क्यों पसंद नहीं, नितिन गडकरी ने बताई वजह? कहा- हो जाता हूं संक्रमित
Delhi Pollution Levels: केंद्रीय मंत्री नितिन गडकी ने शुक्रवार 06 दिसंबर को राजधानी दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण स्तर पर चिंता जताई है। साथ ही, कहा कि राजधानी दिल्ली में आने और यहां रहने, समय बिताने से बचता हूं। क्योंकि, प्रदूषण के कारण मेरे स्वास्थ्य पर असर पड़ता है।
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता और नागपुर के सांसद नितिन गडकरी ने कहा, 'मैं अक्सर सोचता हूं कि मुझे दिल्ली जाना चाहिए या नहीं। इतना भयंकर प्रदूषण है।' उन्होंने बताया कि मुझे यहां रहना अच्छा नहीं लगता। यहां के प्रदूषण के कारण मैं संक्रमित हो जाता हूं। उन्होंने बताया कि दिल्ली आने से पहले वह दो घंटे प्राणायाम करते हैं।

जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता का प्रभाव
इस दौरान नितिन गडकरी ने जीवाश्म ईंधन पर भारत की भारी निर्भरता और इसके आर्थिक और पर्यावरणीय प्रभावों पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि हम वैकल्पिक ईंधन को प्रोत्साहित करके जीवाश्म ईंधन के आयात को कम कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि भारत जीवाश्म ईंधन के आयात पर सालाना 22 लाख करोड़ रुपये खर्च करता है।
दिल्ली की वायु गुणवत्ता हुआ सुधार
वायु प्रदूषण पर नितिन गडकरी की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब इस सप्ताह दिल्ली की वायु गुणवत्ता में कुछ सुधार हुआ है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, गुरुवार को दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 178 से सुधरकर 165 हो गया, जो "मध्यम" श्रेणी में आ गई।
इसके कारण ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) के तहत प्रतिबंधों में कमी आई। संसद में एक याचिका प्रस्तुत की गई जिसमें सांसदों से आग्रह किया गया कि वे उस समस्या का सामना करें जिसे अभियानकर्ताओं ने "अभूतपूर्व पर्यावरणीय और सार्वजनिक स्वास्थ्य आपदा" बताया है।
याचिका में केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों का हवाला दिया गया है, जिसमें कहा गया है कि सितंबर से दिल्ली के AQI को "खराब" या "बहुत खराब" के रूप में दर्ज किया गया है और सर्दियों के महीनों में 1,500 से 2,000 के खतरनाक स्तर दर्ज किए गए थे।












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