NITI आयोग की बैठक में PM मोदी ने राज्यों को 3-T का मंत्र दिया, कहा- ग्लोबल पहचान बनाएं
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को नीति आयोग की 7वीं गवर्निंग काउंसिल की बैठक की अध्यक्षता की। तेलंगाना के मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव ने बैठक का बायकॉट किया। केसीआर के अलावा नीतीश कुमार भी बैठक में नहीं पहुंचे।
नई दिल्ली, 07 अगस्त: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को नीति आयोग की 7वीं गवर्निंग काउंसिल की बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने कहा, COVID-19 की चुनौती का मुकाबला करने में राज्य सरकारों ने सराहनीय प्रयास किए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि एक ताकत के रूप में सहकारी संघवाद की भावना में सामूहिक प्रयासों के कारण भारत को COVID-19 जैसी महामारी से उबरने में मदद मिली।
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रविवार को प्रधानमंत्री ने नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल की सातवीं बैठक में कहा, "हर राज्य ने अपनी ताकत के अनुसार महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और COVID के खिलाफ भारत की लड़ाई में योगदान दिया। इस लड़ाई से भारत विकासशील देशों के सामने एक वैश्विक नेता के उदाहरण के रूप में उभर कर सामने आया।"
जी-20 बैठक का जिक्र
पीएम मोदी ने 2023 में भारत की अध्यक्षता में होने वाली G-20 देशों की बैठक के बारे में भी बात की। उन्होंने कहा, जी-20 की बैठक दुनिया को यह दिखाने का एक अनूठा अवसर बताया कि भारत केवल दिल्ली नहीं है - इसमें देश का हर राज्य और केंद्र शासित प्रदेश शामिल है।
उपलब्धियों और चुनौतियों पर बात
बैठक में उपस्थित प्रत्येक मुख्यमंत्री और उपराज्यपाल ने चार प्रमुख एजेंडा मदों पर विशेष ध्यान देने के साथ अपने-अपने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की प्राथमिकताओं, उपलब्धियों और चुनौतियों पर बात की।
व्यापार, पर्यटन, प्रौद्योगिकी राज्यों की USP
अपने क्लोजिंग रिमार्क में पीएम मोदी ने कहा कि प्रत्येक राज्य को दुनिया भर में फैले इंडियन मिशन के माध्यम से अपने 3-T - व्यापार, पर्यटन, प्रौद्योगिकी (Trade, Tourism, Technology) को बढ़ावा देने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि राज्यों को हर राज्य में आयात कम करने, निर्यात बढ़ाने और इसके लिए अवसरों की पहचान करने पर ध्यान देना चाहिए।
NITI आयोग की बैठक में कौन शामिल हुए
बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में नीति आयोग गवर्निंग काउंसिल की बैठक रविवार को राष्ट्रीय राजधानी में राष्ट्रपति भवन के सांस्कृतिक केंद्र में हुई। बैठक में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों, विधायकों, केंद्र शासित प्रदेशों के उपराज्यपाल, पदेन सदस्य, नीति आयोग के उपाध्यक्ष, नीति आयोग के पूर्णकालिक सदस्य और केंद्रीय मंत्री विशेष आमंत्रित सदस्यों के रूप में मौजूद रहे। जुलाई 2019 के बाद से गवर्निंग काउंसिल की पहली बैठक है, जिसमें तमाम सदस्य सशरीर मौजूद रहे।
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इन मुद्दों पर हुई बातें
नीति आयोग की बैठक के एजेंडे में फसल विविधीकरण और तिलहन और दलहन में आत्मनिर्भरता हासिल करना शामिल रहा। इसके अलावा राष्ट्रीय शिक्षा नीति-स्कूली शिक्षा का कार्यान्वयन; राष्ट्रीय शिक्षा नीति-उच्च शिक्षा का कार्यान्वयन; और शहरी शासन जैसे मुद्दों पर भी बात हुई।
नीतीश कुमार भी बैठक में शामिल नहीं हुए
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी इस बैठक में नहीं शामिल हुए। इससे पहले तेलंगाना के मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव ने इस महत्वपूर्ण बैठक को बायकॉट किया है। केसीआर ने पीएम मोदी को लिखे पत्र में कहा कि राज्यों के साथ केंद्र द्वारा भेदभाव करने और समान भागीदार के रूप में नहीं मानने के विरोध में नीति आयोग की बैठक में शामिल होने का कोई औचित्य नहीं है। इस पर नीति आयोग ने जवाब दिया कि नीति आयोग के गवर्निंग काउंसिल की बैठक में तेलंगाना के मुख्यमंत्री के नहीं शामिल होने का फैसला दुर्भाग्यपूर्ण है।
बैठक का मकसद
NITI आयोग की बैठक के संबंध में एक सरकारी बयान के अनुसार, बैठक का उद्देश्य "एक स्थिर, टिकाऊ और समावेशी भारत के निर्माण की दिशा में केंद्र और राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के बीच सहयोग और सहयोग के एक नए युग की दिशा में तालमेल का मार्ग प्रशस्त करना" है।
NITI आयोग की बैठक में नहीं पहुंचे KCR
तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव रविवार को होने वाली नीति आयोग की 7वीं गवर्निंग काउंसिल की बैठक का बहिष्कार करेंगे। उन्होंने यह कदम राज्यों के प्रति केंद्र की भेदभावपूर्ण प्रवृत्ति को लेकर उठाया है। इस संबंध में राव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र भी लिखा। उन्होंने कहा, ''मैं विरोध के रूप में दिल्ली में होने वाली नीति आयोग की 7वीं गवर्निंग काउंसिल की बैठक का हिस्सा नहीं बनूंगा।''
नीति आयोग ने KCR से कहा- फैसला दुर्भाग्यपूर्ण
केसीआर ने पीएम मोदी को लिखे पत्र में कहा कि राज्यों के साथ केंद्र द्वारा भेदभाव करने और समान भागीदार के रूप में नहीं मानने के विरोध में नीति आयोग की बैठक में शामिल होने का कोई औचित्य नहीं है। इस पर नीति आयोग ने जवाब दिया कि नीति आयोग के गवर्निंग काउंसिल की बैठक में तेलंगाना के मुख्यमंत्री के नहीं शामिल होने का फैसला दुर्भाग्यपूर्ण है। आयोग ने कहा कि नीति आयोग की टीम केसीआर से हैदराबाद में मिली थी और राज्य के विकास के महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की थी। इसके बाद से नीति आयोग की ओर से बैठक के अनुरोधों पर सीएम ने जवाब नहीं दिया।












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