Nirmala Sitharaman Speech: राहुल गांधी पर वित्त मंत्री का पलटवार, 'WTO में कांग्रेस ने किया था सरेंडर'
Nirmala Sitharaman Speech: लोकसभा में बजट पर चर्चा के दौरान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने विपक्ष के सवालों का तीखा जवाब दिया। उन्होंने साफ कहा कि देश में कर्ज यानी क्रेडिट की कोई कमी नहीं है। अपने भाषण में सीतारमण ने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए पलटवार किया। कांग्रेस का दौर याद दिलाते हुए कहा कि भारत अब किसी के सामने झुकने वाला नहीं है।
वित्त मंत्री ने लोकसभा में जवाब देते हुए कहा कि वर्ल्ड ट्रेड ऑर्गनाइजेशन (WTO) के मंच पर भारत के हितों से समझौता कांग्रेस के दौर में हुआ था, न कि मौजूदा सरकार के समय में। उन्होंने संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजीजू के बयान का समर्थन करते हुए कहा कि भारत को बेचने वाला कोई पैदा नहीं हुआ है।

Nirmala Sitharaman Speech: वित्त मंत्री ने TMC पर भी साधा निशाना
वित्त मंत्री ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और टीएमसी नेतृत्व पर भी निशाना साधा। बजट में बंगाल की अनदेखी के आरोपों को गलत बताते हुए उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार लगातार राज्य को आर्थिक मदद दे रही है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अगर केंद्र कुछ नहीं देता तो कोलकाता में पेट्रोल दिल्ली से इतना सस्ता कैसे पहुंचता है। सीतारमण ने यह भी आरोप लगाया कि टीएमसी नेता "कट मनी" की राजनीति करते हैं और जनता को गुमराह कर रहे हैं।
वित्त मंत्री ने पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी के महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि रात में बाहर न निकलने की सलाह देना समस्या का समाधान नहीं है। सरकार को कानून-व्यवस्था सुधारनी चाहिए, न कि महिलाओं पर पाबंदियां लगानी चाहिए।
Budget 2026 को बताया समावेशी, हर सेक्टर की उपलब्धियां गिनाईं
सीतारमण ने अपने भाषण में कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि किसानों को खाद-उर्वरक या वित्तीय मदद को लेकर किसी तरह की दिक्कत नहीं आने दी जाएगी। उन्होंने बताया कि मछली पालन और पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए विशेष योजनाएं चलाई जा रही हैं, जिससे किसानों की आय बढ़ेगी। सरकार केवल नए MSME ही नहीं, बल्कि पुराने पारंपरिक उद्योगों को भी मजबूत करने पर काम कर रही है।
'औद्योगिक विकास पर है सरकार का फोकस'
वित्त मंत्री ने औद्योगिक विकास का हवाला देते हुए कहा कि देश में करीब 200 पुराने औद्योगिक क्लस्टर हैं। जैसे कि लुधियाना, जालंधर, कानपुर और बिहार के कई केंद्र-जहां उत्पादन और निर्यात की अपार संभावनाएं हैं। सरकार इन क्लस्टरों को आधुनिक तकनीक, फंडिंग और बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर देकर वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाना चाहती है।












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