'मध्य परिवार को मिली TAX में काफी राहत', सदन में बोलीं वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण
Nirmala Sitharaman: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज यानी 07 अगस्त को वित्त विधेयक पर चर्चा के दौरान अपना जवाब दिया। इस दौरान उन्होंने कहा, 'पिछले दो सालों में मध्यम वर्ग को 'काफी कर (tax) में राहत' मिली है।'
लोकसभा में जवाब देते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने संबोधन की शुरुआत मध्यम वर्ग के लिए सरकार द्वारा उठाए गए सभी उपायों को सूचीबद्ध करके की। इस दौरान उन्होंने कहा कि पिछले दो वर्षों में मध्यम वर्ग को पर्याप्त राहत दी गई है।

उन्होंने कहा कि राहत देने के लिए नई रिजीम में स्लैब में बदलाव किया है। खबर के मुताबिक, सीतारमण ने यह भी कहा कि अगले 6 महीनों में अप्रत्यक्ष करों की दर संरचना की व्यापक समीक्षा की जाएगी।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि उनके बजट 2024 के प्रस्तावों का उद्देश्य कर कानूनों को सरल बनाना और बेहतर क्रियान्वयन के लिए प्रौद्योगिकी का लाभ उठाना है।
मध्यम वर्ग को TAX में मिली राहत
वित्त मंत्री ने इस बात पर भी प्रकाश डाला कि एलटीसीजी (LTCG) में छूट को बढ़ाकर 1.25 लाख रुपये करने का उद्देश्य मध्यम वर्ग को राहत देना है, जिनकी निवेश क्षमता कम है। इससे छोटे निवेशकों को लाभ हुआ है।
कोविड महामारी का भी किया जिक्र
इस दौरान वित्त मंत्री ने कोविड महामारी के दौरान पीएम मोदी के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा, 'पीएम मोदी ने मुझे जो निर्देश दिया वह विकसित देशों में जो हो रहा था, उसके बिल्कुल विपरीत था- कोविड व्यय को पूरा करने के लिए नागरिकों पर कोई कर नहीं लगाया जाएगा।'
सीमा शुल्क समायोजन
सीतारमण ने सीमा शुल्क में कटौती के माध्यम से घरेलू उत्पादन और निर्यात प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देने के लिए उठाए गए कदमों पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि इन कटौतियों का उद्देश्य कच्चे माल की लागत को कम करना है, खासकर चमड़ा और कपड़ा जैसे क्षेत्रों के लिए, जिससे रोजगार को बढ़ावा मिलेगा और खर्च कम होगा।
आयकर रिटर्न और रिफंड
वित्त मंत्री ने बताया कि 2024-25 में रिकॉर्ड 7.28 करोड़ आयकर रिटर्न दाखिल किए गए, जो पिछले वित्त वर्ष में 31 जुलाई तक 6.77 करोड़ से 7.5% की वृद्धि को दर्शाता है। इसके अतिरिक्त, आयकर रिफंड अब 2013-14 में 93 दिनों की तुलना में 10 दिनों के भीतर संसाधित किया जाता है।












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