बजट में मध्यम वर्ग को टैक्स में नहीं दी राहत, वित्तमंत्री ने महाभारत के श्लोक के जरिए बताई वजह
नई दिल्ली, 01 फरवरी: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को लगातार चौथी बार आम बजट पेश किया। दूसरी बार यह पेपर लेस बजट था। उन्होंने टैबलेट के जरिए 90 मिनट तक 2022-23 के लिए बजट घोषित किया। केंद्र सरकार के बजट से देश का मिडिल क्लास पिछले 8 सालों से टैक्स स्लैब में बदलाव की उम्मीद लगाए बैठा था, लेकिन इस बार भी मध्य वर्ग को टैक्स में कोई राहत नहीं मिली। वित्तमंत्री ने डायरेक्ट टैक्स के बारे में ऐलान करने से पहले महाभारत के एक श्लोक का जिक्र किया।

वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि केंद्र सरकार का उद्देश्य इस बजट के माध्यम से लोगों का कल्याण करते हुए राजधर्म निभाने का है। उन्होंने महाभारत के शांतिपर्व के 72वें अध्याय के 11वें श्लोक का जिक्र किया जिसमें युधिष्ठिर राजधर्मानुशासन की बात करते हुए जनमानस के कल्याण और योगक्षेम की बात करते हैं। शांतिपर्व में कहा गया है, दापयित्वा करं धर्म्यं राष्ट्रं नित्यं यथाविधि | अशेषान्कल्पयेद्राजा योगक्षेमानतन्द्रितः ।। अर्थात्, किसी राष्ट्र का राजधर्म किसी भी विधि से जनता का कुशलक्षेम और कल्याण ही है।
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बता दें कि शान्ति पर्व महाभारत का 12वां पर्व है। इसमें धर्म, दर्शन, राजानीति और अध्यात्म ज्ञान की विशद व्याख्या की गई है। इस पर्व में महाभारत युद्ध के बाद शोकाकुल लोगों को युधिष्ठिर राजधर्म का अनुशासन पढ़ाते हैं। इसी के तहत वह मोक्ष धर्म का भी उपदेश देते हैं। सीतारमण ने अपने चौथे बजट में आयकर की दरों में कोई बदलाव ना कर नौकरी-पेशा लोगों को जहां झटका दिया है।
कोरोना संकट से जूझ रहे देश को वित्त मंत्री ने रवींद्रनाथ टैगोर की पंक्तियों से नई उम्मीदें देने की कोशिश की। कहा, 'उम्मीद एक ऐसा पक्षी है जो प्रकाश को महसूस करता है और अंधेरे में भी चहचहाता है।' इस लाइन पर सदन के सदस्यों ने टेबल थपथपाई। बजट के दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी की फोटो भी सामने आई। जब वित्त मंत्री बैंकों में निवेश और किसानों के लिए शुरू की जा रहीं योजनाओं के बारे में बता रहीं थीं तो राहुल गांधी माथे पर हाथ रखे दिखे।












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