निर्भया: जज ने कहा,आपके मुवक्किलों का भगवान से मिलने का वक्त आ गया है
नई दिल्ली। दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट द्वारा निर्भया के दोषियों की फांसी पर रोक लगाने की याचिका खारिज करने फैसले को दिल्ली हाई कोर्ट में चुनौती दी गई है। इस पर न्यायमूर्ति मनमोहन की अगुवाई वाली डिविजन पीठ ने सुनवाई की। दिल्ली हाई कोर्ट ने साफ कहा कि दोषियों की याचिका का कोई कानूनी आधार नहीं है। अदालत ने पूरे मामले में किसी साजिश की आशंका भी जताई। जज ने कहा कि आपका मुवक्किल भगवान से मिलने के नजदीक है। समय कम है। चार-पांच घंटे बचे हैं। कोई वैध बात है तो बताओ। समय खराब मत करो।

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कोर्ट ने याचिका पर सुनवाई के दौरान दोषियों के वकील एपी सिंह पर गुस्साते हुए कहा कि अब समय है जब आपके क्लाइंट भगवान से मिलें। आप हमारा समय बर्बाद ना करें। यदि आप कोई अहम सबूत नहीं दे सकते तो हम आपकी इस अंतिम घड़ी में कोई मदद नहीं कर सकेंगे। आपके पास सिर्फ 4 या 5 घंटे हैं, यदि आपके पास कोई पॉइंट है तो उसे कोर्ट के सामने पेश करें। कोर्ट ने इस दौरान कहा कि आपकी याचिका हमें ठोस नहीं लग रही है।
दिल्ली हाई कोर्ट ने सुनवाई के दौरान निर्भया के दोषियों के वकील एपी सिंह को हिदायत दी कि केवल कानूनी दलील दें। कोर्ट ने कहा कि हमें आपकी बातें समझ नहीं आर रही हैं। दिल्ली हाई कोर्ट ने निर्भया के दोषियों के वकील एपी सिंह से कहा कि समय बीत रहा है, ज्यादा समय नहीं। आपके क्लायंट का भगवान से मिलने का समय नजदीक है। अगर आप आखिरी समय में महत्वपूर्ण बातें नहीं कहेंगे तो हम आपकी मदद नहीं कर पाएंगे। आपके पास केवल 4-5 घंटे हैं। अगर कुछ दलील है तो वो दें।
दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट पहले ही कह चुका है कि अक्षय सिंह की पत्नी की तलाक की याचिका प्रासंगिक नहीं है। कानून उसी की मदद करता है, जो सही वक्त पर कदम उठाते हैं। पिछले ढ़ाई सालों से 4 मार्च 2020 तक आप क्या कर रहे थे? आप हमपर आरोप लगा रहे हैं? पौने ग्यारह बज चुके हैं, सुबह 5:30 पर फांसी है, हमें ठोस दलील दें। एडवोकेट एपी सिंह ने निर्भया के दोषियों की फांसी पर रोक लगाने के लिए दिल्ली हाई कोर्ट के सामने उनके गरीबी वाली पृष्ठभूमि का हवाला दिया।












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