Nirbhaya Case: फांसी से ठीक पहले वकील एपी सिंह ने निर्भया पर की अभद्र टिप्पणी, पिटते-पिटते बचे
नई दिल्ली। निर्भया गैंगरेप के चार दोषियों पवन, विनय, मुकेश और अक्षय को 20 मार्च को तड़के 5:30 बजे तिहाड़ जेल में फांसी दे दी गई। इस फांसी से पहले गुरुवार रात तक इनके वकील एपी सिंह उन्हें बचाने की जी-तोड़ कोशिशें करते नजर आए। एक मौका ऐसा भी आया जब कानूनी हथकंडे अपनाने से चूकने वाले एपी सिंह जब कोर्ट के फैसले से निराश हो गए तो वह निर्भया और उसकी मां के चरित्र को तार-तार करने की कोशिशें करने में लग गए। एपी सिंह ने गुरुवार रात ऐसी ही एक टिप्पणी की जिस पर उन्हें एक महिला की खरी-खोटी सुननी पड़ी।
Recommended Video

वकील बोले बातों को छोड़ देना चाहिए नहीं तो...
एपी सिंह जब गुरुवार रात अपने मुवक्किलों को नहीं बचा पाए तो वह देश की न्याय व्यवस्था, मीडिया और निर्भया की मां पर ही अपनी भड़ास निकालने लगे। एपी सिंह इतने हताश हो गए कि कहने लगे, 'निर्भया की मां आशा देवी को क्यों पता नहीं था की रात के 12.30 बजे तक उसकी बेटी कहां थी। मां को यही पता नहीं था कि 12.30 बजे तक कहां है बेटी, किसके साथ है बेटी।' एपी सिंह इतने पर नहीं रुके और कहने लगे कि इन बातों को छोड़ देना चाहिए नहीं तो बहुत बढ़ेंगी ये बातें और बहुत दूर तक जाएंगी।

महिला ने लगाई एपी सिंह को फटकार
एपी सिंह के निर्भया के खिलाफ इस तरह की बाते सुनकर उनके पीछे खड़ी महिला ने ही उन्हें जमकर फटकार लगाई। इस महिला ने कहा, 'तुम्हें ऐसा बोलने की हिम्मत कैसे हुई? ऐसा क्यों कहा और रात के 12.30 बजे घर से बाहर रहने पर किसी के चरित्र का फैसला करने वाले तुम कौन होते हो।' निर्भया गैंगरेप के चारों दोषियों को फांसी दे दी गई है। तमाम कानूनी अड़चनों के बाद दिल्ली की तिहाड़ जेल में तड़के चारों को फांसी पर लटकाया गया।

45 मिनट तक सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई
निर्भया के चारों दोषियों पवन, विनय, मुकेश और अक्षय को मेरठ से आए पवन जल्लाद ने फांसी के फंदे पर चढ़ाया। एपी सिंह गुरुवार रात तक चारों को बचाने की कोशिशें करते नजर आए। आखिरी क्षणों में उन्होंने दिल्ली हाई कोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक का दरवाजा खटखटाया। सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट को रात में खोला गया। सुप्रीम कोर्ट में करीब 45 मिनट तक सुनवाई हुई और तीन जजों की बेंच ने मामले को सुना।

सुप्रीम कोर्ट को नहीं मिली कोई वजह
एक दोषी पवन कुमार की तरफ से दायर याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया। उसने राष्ट्रपति की तरफ से दया याचिका को खारिज किए जाने के फैसले को चुनौती दी थी। जस्टिस आर भानुमती, जस्टिस अशोष भूषण और जस्टिस एस बोपन्ना वाले बेंच की तरफ से कहा गया कि सुप्रीम कोर्ट को ऐसी कोई वजह नजर नहीं आती कि जिसके आधार पर याचिका पर सुनवाई हो।
-
Delhi NCR Weather Today: दिल्ली-NCR में होगी झमाझम बारिश, दिन में छाएगा अंधेरा, गिरेगा तापमान -
युद्ध के बीच ईरान ने ट्रंप को भेजा ‘बेशकीमती तोहफा’, आखिर क्या है यह रहस्यमयी गिफ्ट -
Gold Silver Price: सोना 13% डाउन, चांदी 20% लुढ़की, मार्केट का हाल देख निवेशक परेशान -
Ram Navami Kya Band-Khula: UP में दो दिन की छुट्टी-4 दिन का लंबा वीकेंड? स्कूल-बैंक समेत क्या बंद-क्या खुला? -
इच्छामृत्यु के बाद हरीश राणा पंचतत्व में विलीन, पिता का भावुक संदेश और आखिरी Video देख नहीं रुकेंगे आंसू -
'मुझे 10 बार गलत जगह पर टच किया', Monalisa ने सनोज मिश्रा का खोला कच्चा-चिट्ठा, बोलीं-वो मेरी मौत चाहता है -
Petrol-Diesel Shortage: क्या भारत में पेट्रोल-डीजल समेत ईंधन की कमी है? IndianOil ने बताया चौंकाने वाला सच -
कौन हैं ये असम की नेता? जिनके नाम पर हैं 37 बैंक अकाउंट, 32 गाड़ियां, कुल संपत्ति की कीमत कर देगी हैरान -
Iran Vs America: ईरान ने ठुकराया पाकिस्तान का ऑफर, भारत का नाम लेकर दिखाया ऐसा आईना, शहबाज की हुई फजीहत -
LPG Crisis: एलपीजी संकट के बीच सरकार का सख्त फैसला, होटल-रेस्टोरेंट पर नया नियम लागू -
Trump Florida defeat: ईरान से जंग ट्रंप को पड़ी भारी, जिस सीट पर खुद वोट डाला, वहीं मिली सबसे करारी हार -
Who is Aryaman Birla Wife: RCB के नए चेयरमैन आर्यमन बिड़ला की पत्नी कौन है? Virat Kohli की टीम के बने बॉस












Click it and Unblock the Notifications