निपाह वायरस: कर्नाटक तक संक्रमण पहुंचने की आशंका, जांच के लिए पुणे भेजा गया सैंपल

मंगलुरु, 14 सितंबर: केरल के कोझिकोड जिले में एक हफ्ते पहले निपाह वायरस से संक्रमित 12 साल के लड़के की मौत के बाद कर्नाटक में इसके संक्रमण पहुंचने की आशंका है। कर्नाटक के दक्षिण कन्नड़ जिले के मंगलुरु में एक व्यक्ति के इसी वायरस से संक्रमित होने की आशंका है। स्वास्थ्य विभाग ने 25 साल के उस युवक के सभी संपर्कों की पहचान कर फिलहाल आइसोलेट करने को कहा है। जानकारी के मुताबिक वह शख्स केरल तो नहीं गया था, लेकिन वहां से लौटे शख्स के संपर्क में जरूर आया था। हाल ही में वह शख्स गोवा से बारिश में टू-व्हीलर पर अपने घर लौटा था।

गोवा से लौटा है संक्रमण का संदिग्ध मरीज

गोवा से लौटा है संक्रमण का संदिग्ध मरीज

कर्नाटक के स्वास्थ्य आयुक्त केवी त्रिलोक चंद्रा के मुताबिक मंगलुरु में लैब टेक्नीशियन के तौर पर काम करने वाले एक शख्स का सैंपल सोमवार को पुणे के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (एनआईवी) में भेजे जाने तक उसमें कोई गंभीर लक्षण नहीं दिख रहे थे। उन्होंने कहा है कि 'हालांकि हमें अलर्ट रहना होगा, लेकिन घबराने की कोई जरूरत नहीं है। उस व्यक्ति में अभी तक कोई गंभीर लक्षण नहीं दिखाई पड़े हैं।' पीड़ित शख्स की पहचान दक्षिण कन्नड़ जिले के निवासी के तौर पर की गई है। वहां के जिला प्रशासन के एक अधिकारी ने कहा है कि 'हाल में वह केरल नहीं गया है, हालांकि केरल से लौटे एक व्यक्ति के संपर्क में जरूर आया है। हालांकि, संदिग्ध मरीज हाल ही में गोवा जरूर गया था।'

निपाह वायरस के इन लक्षणों पर नजर

निपाह वायरस के इन लक्षणों पर नजर

गौरतलब है कि केरल में निपाह फैलने के बाद ही उससे सटे कर्नाटक के सीमावर्ती जिलों में निपाह वायरस के खिलाफ निगरानी बढ़ा दी गई थी और तैयारियां शुरू कर दी गई थीं। राज्य सरकार का मुख्य फोकस दक्षिण कन्नड़, उडुपी, मैसुरू, कोडागु और चामराजनगर जिलों पर है। जिला प्रशासनों से कहा गया है कि केरल से आने वालों में बुखार, बदली हुई मानसिक स्थिति, गंभीर कमजोरी, सिरदर्द, सांस लेने में तकलीफ, खांसी, उल्टी, मांसपेशियों में दर्द, ऐंठन और दस्त जैसी लक्षणों पर नजर रखें। मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने स्वास्थ्य अधिकारियों से निपाह वायरस संक्रमण का राज्य पर पड़ने वाले संभावित असर को लेकर एक रिपोर्ट देने को भी कहा है।

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    संपर्कों को आइसोलेट रखने के निर्देश

    संपर्कों को आइसोलेट रखने के निर्देश

    वैसे मंगलुरु में उपायुक्त केवी राजेंद्र ने संवाददाताओं से कहा है कि वह लैब टेक्नीशियन 'निपाह का संदिग्ध' नहीं था। उन्होंने कहा कि 25 साल का वह युवक पूरी तरह से ठीक था, लेकिन 'उसके नमूने परीक्षण के लिए भेजे गए, क्योंकि वह चिंतित था और हम ऐसा करते हैं। हमने बस यह सुनिश्चित करने की कोशिश की है कि सब कुछ ठीक है, और कोई चांस नहीं लेना चाहते।' उस युवक के बारे में उन्होंने बताया कि वह अपने टू-व्हीलर से 8 सितंबर को बारिश में गोवा से अपने गृहनगर करवार आया था। उन्होंने कहा कि उडुपी से एक निजी अस्पताल ने उसे वेनलॉक अस्पताल रेफर किया था। उनके मुताबिक उसे सिर्फ बुखार और सिरदर्द था, लेकिन इंटरनेट पर सर्च करने के बाद वह निपाह के इंफेक्शन को लेकर चिंतित हो गया था। हालांकि, एहतियात के तौर पर स्वास्थ्य विभाग ने उसके पिता समेत सभी संबंधित अधिकारियों से कहा है कि उसके संपर्कों की पहचान कर पुणे से रिजल्ट आने तक उन्हें आइसोलेट करके रखें। (तस्वीरें-सांकेतिक)

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