कर्नाटक में तीन दिन से हो रही बारिश के बाद बने बाढ़ के हालात, कई नदियां खतरे के निशान से उपर
बेंगलुरू, जुलाई 25। देश के कई राज्य इस वक्त भारी बारिश की वजह से बाढ़ और भूस्खलन की समस्याओं से गुजर रहे हैं। कर्नाटक में भी गुरुवार के बाद से हो रही मूसलाधार बारिश की वजह से बाढ़ के हालात पैदा हो गए हैं, जिसकी वजह से राज्य में अभी तक 9 लोगों की मौत हो गई है, जबकि 3 लोग लापता बताए जा रहे हैं। कर्नाटक सरकार में मंत्री आर आशोका ने ये जानकारी दी है।

इन इलाकों में हुई भूस्खलन की घटनाएं
राज्य के कई तटीय इलाकों, मलनाड और अंदरूनी क्षेत्रों में भारी बारिश की वजह से बाढ़ की स्थिति पैदा हो गई है। इसके अलावा चिकमंलुरू, शिवमोग, हसन, कोडागु और उत्तर कन्नड़ में भूस्खलन की घटनाएं हुई हैं। इसके अलावा कृष्णा नदी पूरे उफान पर बह रही है। इलाकों से 31,360 लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया गया है जबकि 22,417 लोग सरकार की तरफ से खोले गए 237 राहत शिविरों में रह रहे हैं। राज्य में NDRF और Indian coast Guard की टीमें लोगों को रेस्क्यू करने में जुटी हैं।
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इन जिलों में हुई है लोगों की मौत
NDRF की तरफ से जारी आंकड़ों के मुताबिक, राज्य के 45 तालुका के 283 गांवों में भारी बारिश की वजह से 36,498 लोग प्रभावित हुए हैं। वहीं राज्य में जिन 9 लोगों की मौत हुई है, उनमें उत्तर कन्नड़ जिले में चार, बेलगावी में दो और चिकमंलुरू, धारवाड़ तथा कोडागु में एक-एक व्यक्ति की मौत हुई है। इसके अलावा उत्तर कन्नड़ में सात जगहों पर भूस्खलन हुआ है, जबकि कोडागु में तीन और शिवमोगा और हासन जिलों में एक-एक स्थान पर भूस्खलन हुए हैं।

कई नदियां खतरे के निशान से उपर
राज्य में कई नदियां खतरे के निशान से उपर बह रही हैं, जिसकी वजह से सड़कें जलमग्न हो गई हैं। बाढ़ की वजह से सड़क संपर्क भी प्रभावित हुआ है। उपायुक्त एमजी हिरेमठ ने कहा कि बाढ़ के कारण उत्तरी कर्नाटक जिले में 37 सड़कों पर संपर्क प्रभावित हुआ है।
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