अमेरिका की जेल में बंद निखिल गुप्ता ने नहीं मांगी काउंसुलर एक्सेस, जानिए पूरा मामला
खालिस्तानी आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू की अमेरिका में कथित हत्या की साजिश रचने के आरोप में निखिल गुप्ता अमेरिका की जेल में बंद है। लेकिन निखिल गुप्ता ने अभी तक काउंसुलर एक्सेस नहीं मांगी है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि हमें निखिल गुप्ता की ओर से कोई रिक्वेस्ट नहीं मिली है। सरकार उनके परिवार के साथ संपर्क में है। निखिल गुप्ता को चेक रिपब्लिक से गिरफ्तार किया गया, लेकिन बाद में उन्हें भारत प्रत्यर्पित कर दिया गया।

काउंसुलर एक्सेस की बात करें तो जब विदेश में कोई व्यक्ति जेल में बंद होता है तो वह अपने देश के राजनयिक और अधिकारी से मिल सकता है। जेल में बंद कैदी खुद से काउंसुलर एक्सेस मांग सकता है। हालांकि अगर सरकार चाहे तो भी वह कैदी से संपर्क कर सकती है। इसको लेकर अलग-अलग देश में अलग-अलग नियम होते हैं।
बता दें कि निखिल गुप्ता दस्तावेज में अपना नाम निक इस्तेमाल करते हैं। निखिल पर एक वरिष्ठ भारतीय अधिकारी के साथ मिलकर अमेरिकी संगठन के नेता ही हत्या की साजिश रचने का आरोप है। अमेरिकी संगठन का यह व्यक्ति पंजाब को भारत से अलग खालिस्तान राष्ट्र की वकालत करता था।
आरोप है कि अधिकारी ने निखिल गुप्ता को एक शूटर से मिलवाया था। उसने ही एक लाखक डॉलर का ऑफर लेकर हत्या की साजिश रची। हालांकि निखिल गुप्ता ने अपने ऊपर लगे आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उसका कहना है कि वह किसी हत्या में शामिल नहीं है।
निखिल गुप्ता को पिछले वर्ष 30 जून को चेक गणराज्य में गिफ्तार किया गया था। इसके बाद अमेरिका ने निखिल को प्रत्यर्पित करने की मांग रखी थी। इसके बाद ब्रुकलिन की जेल में निखिल गुप्ता को रखा गया है।












Click it and Unblock the Notifications