PFI को पूरी तरह से कुचलने के लिए NIA का बड़ा एक्शन, बिहार-यूपी समेत 17 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी
NIA Action On PFI: भारत में प्रतिबंधित संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) को पूरी तरह से कुचलने के लिए NIA ने बड़ी कार्रवाई की है।

NIA Action On PFI: भारत में प्रतिबंधित संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) पर नेशनल इंवेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) ने एक बार फिर से बड़ी कार्रवाई की है। NIA ने पीएफआई के उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और बिहार समेत कई राज्यों में 17 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की है।
देखें बिहार में छापेमारी की फोटो
बिहार में सबसे अधिक जगहों पर छापेमारी
जानकारी के मुताबिक NIA ने बिहार में सबसे अधिक 12 जगहों पर छापेमारी की है। प्रतिबंधित संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया से जुड़े मामले में दरभंगा शहर के उर्दू बाजार स्थित दंत चिकित्सक डॉ. सारिक रजा और सिंघवारा थाना क्षेत्र के शंकरपुर गांव निवासी महबूब पर एनआईए ने छापेमारी की।
पिछले साल PFI पर प्रतिबंध लगाया गया था
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने पिछले साल सितंबर में पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) और उसके सहयोगियों को 'गैरकानूनी संघ' घोषित किया था। लेकिन खुफिया एजेंसी को रिपोर्ट मिली है कि PFI ने एक बार फिर से अपनी सक्रियता बढ़ा दी है।
NIA के प्रतिबंध के बावजूद PFI एक्टिव
एनआईए की जांच में पाया गया है कि पीएफआई पर प्रतिबंध के बावजूद संगठन के नेता और कार्यकर्ता हिंसक उग्रवाद की विचारधारा का प्रचार करते रहे और अपराध करने के लिए हथियारों और गोला-बारूद की व्यवस्था भी कर रहे थे।
एनआईए की कार्रवाई महाराष्ट्र के पुणे में एक स्कूल की इमारत की दो मंजिलों को कुर्क करने के कुछ दिनों बाद आई है, जहां पीएफआई मुस्लिम युवाओं को कट्टरपंथी बनाने और उन्हें प्रेरित करने के लिए शिविर आयोजित कर रहा था और उन्हें विशेष समुदाय के नेताओं और संगठनों के खिलाफ लक्षित हत्याओं और हमलों को अंजाम देने के लिए प्रशिक्षित कर रहा था।
PFI है क्या?
पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया यानी पीएफआई (PFI) का गठन 17 फरवरी 2007 को हुआ था। ये संगठन दक्षिण भारत के तीन मुस्लिम संगठनों को मिलाकर करके बना था। इनमें केरल का नेशनल डेमोक्रेटिक फ्रंट, कर्नाटक फोरम फॉर डिग्निटी और तमिलनाडु का मनिथा नीति पसराई शामिल थे। प्रतिबंध लगने से पहले पीएफआई (PFI) ने दावा किया था कि देश के 23 राज्यों यह संगठन सक्रिय है। देश में स्टूडेंट्स इस्लामिक मूवमेंट यानी सिमी पर बैन लगने के बाद पीएफआई का विस्तार तेजी से हुआ था। कर्नाटक, केरल जैसे दक्षिण भारतीय राज्यों में इस संगठन की काफी पकड़ बताई जाती है। इसकी कई शाखाएं भी हैं। गठन के बाद से ही पीएफआई पर समाज विरोधी और देश विरोधी गतिविधियां करने के आरोप लगते रहते हैं।
Bihar | NIA conducts raid on Dr Sarik Raza, a dentist located in the Urdu Bazaar of Darbhanga city and one Mehboob, a resident of Shankarpur village in Singhwara police station area, in connection with banned organisation Popular Front of India pic.twitter.com/bLX0vBgU4E
— ANI (@ANI) April 25, 2023












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