NGT ने दिल्ली में निर्माण कार्यों पर लगाई 7 दिन की रोक
एनजीटी ने कहा कि दिवाली और फसलों को जलाया जाना बढ़ते प्रदूषण के लिए सबसे अधिक जिम्मेदार हैं, इसके लिए आपने क्या किया?
नई दिल्ली। प्रदूषण के मुद्दे पर नेशनल ग्रीन ट्रिब्युनल (एनजीटी) लगातार सख्त होती जा रही है। एनजीटी ने दिल्ली सरकार को फटकार लगाते हुए पूछा है कि स्मॉग और बढ़ते प्रदूषण को रोकने के लिए आपने क्या अहम कदम उठाए हैं? एनजीटी ने यह भी कहा है कि दिल्ली सरकार ने 5 दिन में प्रदूषण को लेकर कुछ नहीं किया।

एनजीटी ने कहा कि दिवाली और फसलों को जलाया जाना बढ़ते प्रदूषण के लिए सबसे अधिक जिम्मेदार हैं। क्या आपने अगस्त और सितंबर में इस प्रदूषण से निपटने की तैयारी के लिए कोई बैठक की है? एनजीटी ने बढ़ते प्रदूषण पर कड़ा रुख अपनाते हुए दिल्ली-एनसीआर में होने वाले सभी निर्माण कार्यों पर अगले सात दिनों के लिए रोक लगा दी है।
एनजीटी ने दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, यूपी और राजस्थान को कहा है कि अगले 7 दिनों तक कोई एग्रिकल्चरल वेस्ट या कूड़ा न जलाया जाए। ना ही स्टोन क्रशर का इस्तेमाल हो।
एनजीटी ने दिल्ली सरकार से पूछा कि क्या आपके पास इस बात का कोई डेटा है, जिससे ये दिखे कि स्मॉग में कमी आई है? आप पानी का छिड़काव क्रेन से क्यों कर रहे हैं? हेलिकॉप्टर का इस्तेमाल क्यों नहीं करते?
दिल्ली सरकार को तो एनजीटी ने फटकार लगाई ही है, साथ ही पंजाब सरकार को भी डांटा है। एनजीटी ने पंजाब सरकार से पूछा है कि आपने फसलों को जलाने को लेकर क्या अहम कदम उठाए हैं?
यह भी पूछा गया है कि आपने किसानों को एग्रिकल्चरल वेस्ट के निपटारे के लिए कितनी मशीनें मुहैया कराई हैं? एनजीटी से सख्ती दिखाते हुए पंजाब सरकार से कहा कि अगर आपने किसानों को 1000 रुपए भी दिए होते तो वह एग्रिकल्चरल वेस्ट को इस तरह से न जलाते।
एनजीटी ने हरियाणा सरकार को भी नहीं छोड़ा है। हरियाणा सरकार को फटकारते हुए एनजीटी ने कहा कि आपने स्मॉग और प्रदूषण की समस्या से निपटने के लिए कुछ भी नहीं किया है।
एनजीटी ने कहा कि यहां पर मौजूद अधिकारी जमीनी हकीकत बयां नहीं कर रहे हैं। दिल्ली-चंडीगढ़ मार्ग पर हम सभी को ऐसे कंस्ट्रक्शन वर्क होते दिख रहे हैं तो एनजीटी के दिशा-निर्देशों का पालन नहीं कर रहे हैं।
एनजीटी ने प्रदूषण और स्मॉग के खतरनाक स्तर पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि मास्क की भी एक हद होती है। एक निर्धारित सीमा से अधिक प्रदूषण होने पर मास्क भी खतरनाक साबित हो सकता है।
एनजीटी ने कहा है कि दिल्ली का प्रदूषण जिंदगी और मौत से जुड़ा मामला है। आपने बच्चों को उनके घरों के अंदर कैद होने पर मजबूर कर दिया है।












Click it and Unblock the Notifications