अगर मिल गई इस कानून को मंजूरी, तो कभी भी चली जाएगी नौकरी
नई दिल्ली। कंपनियों में कर्मचारियों की नियुक्ति और छंटनी करना आसान हो सके, इसके लिए मोदी सरकार श्रम कानूनों में कुछ बड़े बदलाव करने का काम कर रही है। इसकी जानकारी श्रम मंत्रालय के ही एक अधिकारी ने दी। उन्होंने यह भी बताया कि सरकार के इस कदम से देश में लाखों नौकरियां पैदा होंगी।

पीएम मोदी ने सुधार के एजेंडे के तहत श्रम बाजार में कई बदलाव करने थे, लेकिन अन्य विधेयकों में व्यस्त रहने के चलते इस पर काम नहीं हो सका। श्रम मंत्रालय के सचिव शंकर अग्रवाल के अनुसार अगस्त में जीएसटी पास होने के बाद सरकार को लगा कि श्रम बाजार में सुधार का यही सही समय है।
शंकर अग्रवाल ने बताया कि नौकरियों के लिए नियुक्ति करने के मामले में बहुत सी कंपनियां और नियोक्ता लचीलापन चाहते हैं, जिसके चलते अब श्रम कानून में सुधार करने की जरूरत है।
उन्होंने यह भी बताया कि औद्योगिक संबंध और मजदूरी से जुड़े दो विधेयक इसी महीने कैबिनेट के पास भेजे जाएंगे, जिन्हें मंजूरी मिल जाती है तो नवंबर से शुरू हो रहे सत्र में इन्हें सदन में पेश किया जाएगा।
दरअसल, अभी तक बड़ी संख्या में कर्मचारियों की छंटनी करने से पहले कंपनियों को सरकार की इजाजत लेनी पड़ती थी और सरकार ऐसी इजाजत मुश्किल से ही देती थी। नियमों में सरकार की तरफ से कुछ ढील दी जा सकती है।
कंपनियों की यह भी शिकायत है कि इस नियम ने स्थायी नियुक्ति को हतोत्साहित हुई है, जिसके चलते फैक्ट्रियों का आकार छोटा रहता है। इसे ध्यान में रखते हुए नए कानून में इन प्रतिबंधों में छूट दी जा सकती है।












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