NEET री-एग्जाम में बड़ा फर्जीवाड़ा, छात्र की जगह परीक्षा देने बैठे डॉक्टर, 24 गिरफ्तार, ₹40 लाख में हुई थी डील
NEET UG 2026 solver Gang: नीट री-एग्जाम के दौरान बिहार के लखीसराय में एक बड़े सॉल्वर गैंग का खुलासा हुआ है। पुलिस ने जांच के बाद गैंग के सरगना समेत 24 लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि असली अभ्यर्थियों की जगह परीक्षा देने के लिए मेडिकल छात्रों से 30 से 40 लाख रुपये तक की डील की गई थी।
गिरफ्तार लोगों में PMCH, गया मेडिकल कॉलेज, AIIMS रायबरेली और BHU के छात्र भी शामिल हैं। हैरानी की बात यह है कि बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन करने वाली कंपनी के 14 कर्मचारी भी इस नेटवर्क का हिस्सा बताए जा रहे हैं। मामले की जांच लगातार जारी है।

NEET Re-Exam solver gang: री-एग्जाम में पकड़ा गया बड़ा सॉल्वर गैंग
3 मई को पेपर लीक होने के बाद रविवार को NEET-UG 2026 का री-एग्जाम कराया गया था। इसी दौरान लखीसराय पुलिस को सॉल्वर गैंग के सक्रिय होने की सूचना मिली। जांच के बाद पुलिस ने अलग-अलग परीक्षा केंद्रों पर छापेमारी कर 24 लोगों को गिरफ्तार किया। शुरुआती जांच में सामने आया कि अभ्यर्थियों की जगह दूसरे लोगों को परीक्षा दिलाने की तैयारी थी। पुलिस को आरोपियों के पास से मोबाइल फोन, दस्तावेज और कई अहम सबूत भी मिले हैं, जिनकी जांच की जा रही है।
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Lakhisarai NEET solver gang: मेडिकल छात्रों से 40 लाख तक की डील
पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि मेडिकल कॉलेजों में पढ़ रहे छात्रों को सॉल्वर के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा था। इसके लिए 30 से 40 लाख रुपये तक की डील तय की गई थी। गिरफ्तार छात्रों में PMCH, गया मेडिकल कॉलेज, AIIMS रायबरेली और BHU के छात्र शामिल हैं। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल थे तथा पैसे का लेन-देन किस तरीके से किया गया था।
बायोमेट्रिक कंपनी के कर्मचारी भी गिरफ्तार
इस मामले का सबसे चौंकाने वाला पहलू बायोमेट्रिक जांच करने वाली कंपनी के कर्मचारियों की गिरफ्तारी है। पुलिस ने कंपनी के 14 कर्मचारियों को हिरासत में लिया है। आरोप है कि उनकी मदद से फर्जी अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र में प्रवेश दिलाने की कोशिश की गई। अगर जांच में यह आरोप सही साबित होता है तो यह परीक्षा सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा करेगा। पुलिस अब कर्मचारियों की भूमिका और उनकी जिम्मेदारी की गहराई से जांच कर रही है।
PMCH छात्र मयंक से खुली पूरी परत
जांच के दौरान हाजीपुर निवासी मयंक का नाम सामने आया, जो PMCH का छात्र बताया जा रहा है। आरोप है कि वह बायोमेट्रिक कंपनी के कर्मचारियों से मिलीभगत कर खुद कर्मचारी बनकर परीक्षा केंद्र में घुस गया था। पुलिस ने उसे मौके पर ही पकड़ लिया। पूछताछ में मयंक ने अपने कई साथियों के बारे में जानकारी दी। इसके बाद पुलिस ने दूसरे केंद्रों पर कार्रवाई कर कई और संदिग्धों को गिरफ्तार किया और पूरे नेटवर्क का भंडाफोड़ कर दिया।
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स्वास्थ्य विभाग की तैयारी भी हुई फेल
सॉल्वर गैंग पर रोक लगाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने पहले से खास तैयारी की थी। विभाग के निर्देश पर राज्य के मेडिकल कॉलेजों में दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक सेमिनार और क्विज का आयोजन किया गया था, जिसमें छात्रों की उपस्थिति अनिवार्य थी। मकसद था कि कोई MBBS छात्र परीक्षा के दौरान बाहर न जा सके। इसके बावजूद PMCH के छात्र की गिरफ्तारी ने व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब पूरे मामले को लेकर सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था की समीक्षा की जा रही है।












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