Aaj Ka Panchang: अष्टमी राशि, फाल्गुनी नक्षत्र, क्या है शुभ मुहूर्त?
Aaj Ka Panchang: पंचांग का प्रयोग शुभ मुहूर्त निकालने, त्योहारों की तिथि तय करने, व्रत-उपवास करने और ग्रहों की स्थिति जानने के लिए किया जाता है। आइए जानते हैं कि आज के पंचांग में क्या खास है?

🌅 भोर, शाम और खगोलीय पारगमन
| 🌅 सौर भोर (सूर्योदय) | सुबह 05:08 | 🌇 सूर्यारोहण (सूर्यास्त) | शाम 6:51 |
| 🌙 चंद्रोदय (चंद्रमा का उदय) | दोपहर 12:24 | 🌛 चंद्र अस्त (चंद्रमा का अस्त होना) | 12:13 पूर्वाह्न (23 जून) |
✨ आवश्यक खगोल तत्व (पंचांग)
| 🌒 चंद्र दिवस (तिथि) | अष्टमी दोपहर 3:39 बजे समाप्त होगी, जिसके बाद नवमी शुरू होगी। | ||
| 🌌 नक्षत्र मंडल | उत्तरा फाल्गुनी सुबह 10:22 बजे तक सक्रिय रहेगी, उसके बाद हस्त सक्रिय रहेगी। | ||
| 🌀 ब्रह्मांडीय मिलन (योग) | व्यतिपात सुबह 10:31 बजे तक चल रहा है, उसके बाद वरियाना चल रहा है | ||
| 🦁 चंद्र अर्धदिवस (करण) | बावा दोपहर 3:39 बजे तक सक्रिय रहेगा, उसके बाद बलवा सुबह 4:05 बजे तक (23 जून) सक्रिय रहेगा और अंत में कौलावा सक्रिय रहेगा। | ||
| 📅 सप्ताह का दिन | सोमवार | 🌓 वृद्धि/कमी का चरण (पक्ष) | शुक्ल पक्ष (बढ़ते चरण) |
📅 कैलेंडर प्रणालियाँ और युग
| 👑 विक्रम युग वर्ष | 2083 सिद्धार्थ | 🪐वर्ष संवत्सर | सिद्धार्थी (03:53 अपराह्न, 21 अप्रैल, 2026 को समाप्त), रौद्र द्वारा प्रतिस्थापित |
| 🏛️ शाका युग वर्ष | 1948 पराभाव | ☀️ सौर दिवस (द्वार/प्रविष्टे) | 8 |
| 🌾 गुजराती युग वर्ष | 2082 पिंगला | 🌙 चंद्र माह | ज्येष्ठ (पूर्णिमांता और अमंता प्रणालियों के माध्यम से गणना) |
🏛️ ग्रह शासक मंत्रिमंडल (विक्रम संवत 2083)
| 👑 संप्रभु (राजा) | बृहस्पति (राजा) | ⚔️ कमांडर-इन-चीफ (सेनाधिपति) | चंद्र (चंद्रमा) |
| ⚜️ मंत्रिमंडल मंत्री | मंगल ग्रह | 🌻 रबी फसल शासक (धन्यधिपति) | बुद्ध (बुध) |
| 🌾खरीफ फसल शासक (शस्यधिपति) | बृहस्पति | 🌧️ मौसम और बादल (मेघाधिपति) | चंद्र (चंद्रमा) |
| 💰 धन एवं वित्त (धनाधिपति) | बृहस्पति | 🪙 धातु एवं सामग्री (निरासाधिपति) | बृहस्पति |
| 🍯 रसाधिपति पेय पदार्थ (लिक्विड्स एंड एलिक्जिर) | शनि (शनि) | 🍎 बागवानी और उपज (फलाधिपति) | चंद्र (चंद्रमा) |
🌌 खगोलीय राशियाँ और नक्षत्र मंडल (राशिचक्र और नक्षत्र)
| ♍ चंद्र राशि (मूनसाइन) | कन्या (Virgo) | 🌌 तारकीय चतुर्थांश (नक्षत्र पद) | उत्तरा फाल्गुनी चतुर्थी (सुबह 10:22 बजे तक) पहले सत्र तक (शाम 4:41 बजे तक) हास्ता द्वितीय पखवाड़ा (रात 11:03 बजे तक) इसके बाद (हस्ता) |
| ♊ सूर्य राशि (Sunsign) | मिथुन | ☀️ सौर तारकीय पथ (सूर्य नक्षत्र) | मृगशिरा (दोपहर 12:32 बजे तक), जिसके बाद आर्द्रा का प्रभाव शुरू हुआ। |
| ☀️ सौर तारकीय त्रैमासिक | मृगशिरा चतुर्थांश (दोपहर 12:32 बजे तक), इसके स्थान पर आर्द्रा प्रथमांश लागू होगा। |
🍂 ऋतुएँ और संक्रांति (ऋतु और अयाना)
| 🌧️ प्रेक्षण ऋतु (द्रिक ऋतु) | वर्षा (मानसून) | ⏱️ दिन की लंबाई (दिनमना) | 13 घंटे, 43 मिनट, 00 सेकंड |
| 🔥 पारंपरिक ऋतु (वैदिक ऋतु) | ग्रीष्मा (ग्रीष्म ऋतु - समाप्त) | 🌙 रात्रिमाना (रात की अवधि) | 10 घंटे, 17 मिनट, 14 सेकंड |
| 🧭 अवलोकन संरेखण (ड्रिक अयाना) | दक्षिणायन (दक्षिणी मार्ग) | 🕛 खगोलीय दोपहर | दोपहर 12 बजे |
| 🧭 पारंपरिक संक्रांति (वैदिक अयन) | उत्तरायण (समाप्त) |
✨ शुभ और शुभ समय
| 🧘 ब्रह्म मुहूर्त | सुबह 03:46 से 04:27 तक | 🌅 भोर गोधूलि (प्रात: संध्या) | सुबह 04:07 से 05:08 तक |
| 🏹 अभिजीत मुहूर्त | सुबह 11:33 से दोपहर 12:27 तक | 🏆 विजय काल (विजय मुहूर्त) | दोपहर 2:17 से दोपहर 3:12 तक |
| 🐄 गोधूलि मुहूर्त (गोधूलि मुहूर्त) | शाम 6:50 से शाम 7:11 तक | 🌇 सूर्यास्त गोधूलि (सयाहना संध्या) | शाम 6:51 से शाम 7:53 तक |
| ☀️ सौर संघ (रवि योग) | सुबह 10:22 से दोपहर 12:32 तक | 🌌 शुभ मध्य रात्रि (निशिता मुहूर्त) | रात 11:40 बजे से रात 12:21 बजे तक (23 जून) |
⚠️ अशुभ और सतर्क समय
| 🚫 राहु काल (विषैली अवधि) | सुबह 6:51 से 8:34 तक | ⛈️ हानिकारक घड़ी (यमगंडा) | सुबह 10:17 से दोपहर 12:00 बजे तक |
| 🌀 अस्थिर संरेखण (आदल योग) | सुबह 10:22 से दोपहर 12:32 तक | 🛑प्रतिकूल समय (दुर्मुहूर्तम) | दोपहर 12:27 से 1:22 बजे तक और दोपहर 3:12 से 4:07 बजे तक |
| ⏳ बाधा घंटा (गुलिकाई कलाम) | दोपहर 1:43 से दोपहर 3:26 तक | 🚫 वर्जित अंतराल (वरज्यम) | शाम 7:18 से रात 9:00 बजे तक |
| 🏹 तीर का खतरा (बाना) | चोरा (चोरी का खतरा) रात 8:55 बजे समाप्त होगा |
🧭 दिशात्मक सीमाएं एवं निवास (निवास एवं शूल)
| 🔥 अग्नि आहुति (होमाहुति) | शुक्र (वीनस) | 🧭 यात्रा में आने वाली बाधाओं के लिए मार्गदर्शन (दिशा स्कूल) | पूर्व |
| 🌍 अग्निदेव का निवास स्थान (अग्निवासा) | पृथ्वी | 🧲 नक्षत्रों की सीमा (नक्षत्र श्रेणी) | उत्तर दिशा (सुबह 10:22 बजे तक) |
| 🔱 शिववास (भगवान शिव का निवास स्थान) | श्मशाना में (दोपहर 3:39 बजे तक), उसके बाद गौरी के साथ | 🌗 चंद्र वासा (चंद्रमा का लंगर) | दक्षिण |
| 🌪️ राहु वासा (शैडो एंकर) | उत्तर-पश्चिम | 🏺 पवित्र पात्र चक्र (कुंभ चक्र) | दक्षिण |
🗓️ द्वितीयक कैलेंडर और सार्वभौमिक युग
| 🌌 कलियुग में वर्ष | 5127 वर्ष | 🧭 अयनांश (लाहिड़ी परिशुद्धता) | 24.233611 |
| 🕒 कलियुग में बीते हुए दिन (अहरगना) | 1,872,748 दिन | 📅 युग (राटा डाई) के बाद से दिनों की गिनती | 739789 |
| 🏛️ जूलियन कैलेंडर के समतुल्य | 9 जून, 2026 ईस्वी | ⏳ जूलियन डे काउंटर | 2461213.5 दिन |
| 🇮🇳 राष्ट्रीय नागरिक तिथि | आषाढ़ 01, 1948 शक | 📉 संशोधित जूलियन दिवस गणना | 61213 दिन |
| 🇮🇳राष्ट्रीय निरयण तिथि | आषाढ़ 8, 1948 शक |
💫 ग्रहीय सुरक्षा कवच और खगोलीय शक्तियाँ (चंद्रमा और तारकीय ऊर्जा)
| 🌙 अनुकूल चंद्र समर्थन (चंद्रबलम) | कल सुबह तक, निम्नलिखित तिथियों के अंतर्गत जन्म लेने वाले व्यक्तियों के लिए अनुकूल चंद्र सुरक्षा कवच सक्रिय रहेगा: मेष (मेष), कर्क (कर्क), कन्या (कन्या), वृश्चिक (वृश्चिक), धनु (धनु), मीना (मीन) । *सावधानी: कुंभ राशि में जन्मे जातकों के लिए अष्टम चंद्र (आठवें भाव का चंद्रमा) की चेतावनी प्रभावी है; विशेष रूप से धनिष्ठा (अंतिम 2 चरण), शतभिषा और पूर्व भाद्रपद (पहले 3 चरण)। |
| ⭐ ताराबलम (ताराबलम) - सुबह 10:22 बजे तक | निम्नलिखित राशियों के अंतर्गत आने वाले व्यक्तित्वों के लिए अच्छा प्रभाव: भरणी, रोहिणी, मृगशिरा, पुनर्वसु, आश्लेषा, पूर्वा फाल्गुनी, हस्त, चित्रा, विशाखा, ज्येष्ठा, पूर्वा आषाढ़, श्रवण, धनिष्ठा, पूर्वा भाद्रपद, रेवती। |
| ⭐ तारकीय शक्ति (ताराबलम) - सुबह 10:22 बजे के बाद | निम्नलिखित नक्षत्रों के अंतर्गत आने वालों के लिए अच्छा प्रभाव (अगली सुबह तक जारी रहेगा): अश्विनी, कृत्तिका, मृगशिरा, आर्द्रा, पुष्य, मघा, उत्तरा फाल्गुनी, चित्रा, स्वाति, अनुराधा, मूल, उत्तरा आषाढ़, धनिष्ठा, शतभिषा, उत्तरा भाद्रपद। |
⚡ शुभ अग्नि-मुक्त अंतराल और उदय के समय
| 🔮 पंचक रहित खिड़कियाँ (आदर्श प्रारंभ) | 🌅 उदीयमान राशि समय (उदय लग्न) |
| 🟢 सुरक्षित और शुभ खिड़कियाँ: • सुबह 5:08 से सुबह 6:58 तक • सुबह 9:16 से 10:22 तक • दोपहर 1:43 से दोपहर 3:39 तक • दोपहर 3:59 से शाम 6:16 तक • रात 8:21 से रात 10:06 तक • रात 11:36 से सुबह 01:05 तक (23 जून) • सुबह 1:05 बजे से 2:43 बजे तक (23 जून) • सुबह 4:40 से 5:09 बजे तक (23 जून) 🔴 प्रतिकूल शील्ड ब्रेक: | • मिथुन (Gemini): सुबह 04:44 से सुबह 06:58 तक • कर्क (कैंसर): सुबह 6:58 से 9:16 बजे तक • सिंह (Leo): सुबह 9:16 से 11:30 बजे तक • कन्या (Virgo): सुबह 11:30 बजे से दोपहर 01:43 बजे तक • तुला (Libra): दोपहर 1:43 से दोपहर 3:59 तक वृश्चिका (Scorpio): दोपहर 3:59 से शाम 6:16 तक • धनु (धनु): शाम 06:16 बजे से रात 08:21 बजे तक • मकर राशि: रात 8:21 से रात 10:06 बजे तक • कुंभ (Aquarius): रात 10:06 से 11:36 बजे तक • मीन (मीन): रात 11:36 से सुबह 01:05 बजे तक (23 जून) • मेष (Aries): सुबह 01:05 से 02:43 बजे तक (23 जून) • वृषभ (वृषभ): 02:43 पूर्वाह्न से 04:40 पूर्वाह्न (23 जून) |
🎉 मनाए जाने वाले समारोह और त्यौहार
| 🕉️माँ धूमावती जयन्ती | महाविद्या देवी धूमावती के पवित्र अवतरण का स्मरणोत्सव |
| 🔱 मासिक दुर्गाष्टमी | देवी दुर्गा के सम्मान में मासिक भक्तिमय उपवास और प्रार्थनाएँ। |
📑 आवश्यक अवलोकन संबंधी नोट्स
| 📍 भौगोलिक मध्याह्न रेखा | सभी गणनाएँ भारत के वाराणसी के सांस्कृतिक मानक के अनुरूप हैं (जहाँ लागू हो, वहाँ डेलाइट सेविंग के परिवर्तन भी शामिल हैं)। |
| ⏳ व्याख्या नियम | मानक मध्यरात्रि के बाद के घंटों में निम्नलिखित तिथि प्रत्यय जोड़ा जाता है, क्योंकि पारंपरिक पंचांग चक्र मूल रूप से सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है। |
नोट: सभी समय वाराणसी को केंद्र मानकर भारतीय स्थानीय समय के अनुसार 12 घंटे के प्रारूप में दिखाए गए हैं। आधी रात (12 बजे) के बाद के घंटों को अगले दिन की तारीख के साथ अंकित किया जाता है। पंचांग में, एक दिन सूर्योदय से शुरू होता है और अगले सूर्योदय पर समाप्त होता है।












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